सनातन धर्म और संस्कृति का प्रमुख पर्व दिवाली। 

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विनय मिश्र,जिला संवाददाता।

 

बरहज ,देवरिया। आचार्य अजय शुक्ला ने बताया कि सनातन धर्म और संस्कृति का प्रमुख पर्व दीपावाली, इसलिए धूमधाम से मनाई जाती है कि प्रभु श्री राम ने अधर्म पर धर्म की विजय पताका फहरा कर , अयोध्या वापस आए थे ऐसी स्थिति में अवध की प्रजा द्वारा पूरे अयोध्या नगरी को दीपों से सजा दिया गया था और दीवार दीपावली मनाई गई थी। इस बार दीपावली को लेकर कुछ लोगों के मन में संसार है की दिवाली 31 को है या 1 नवंबर को तो यह स्पष्ट कर देना उचित की दिवाली 31 अक्टूबर को ही है कार्तिक मास के अमावस्या तिथि की शुरुआत 31 अक्टूबर को शाम 3:52 पर हो रहा है और तिथि का समापन अगले दिन 1 नवंबर की शाम को 6:16 तक की है। दीपावली का पावन पर्व जब अमावस्या की अर्धरात्रि में मिले तो उसी दिन दिवाली मनाई जाती है। इसलिए इस बार दिवाली 31 अक्टूबर 2010 को पंचांग के अनुसार मनाई जाएगी आगे उन्होंने सभी सनातन धर्मावलंबियों से 31 अक्टूबर को ही दिवाली मनाने की अपील भी की है इस दिन लक्ष्मी और गणेश प्रतिमा का पूजन प्रत्येक हिंदू परिवारों में किया जाता है।

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