किसान सहकारीचीनी मिल घोसी ने दिया बंदी की नोटिस। गन्ना पेराई लक्ष्य से बहुत पीछे। 

 

रिपोर्ट:अशोकश्रीवास्तव ब्यूरोप्रमुख घोसी मऊ।

घोसी। किसान सहकारी चीनी घोसी प्रबंधन ने 17 फरवरी से मिल बंदी की नोटिस देकर किसानो को 16 फरवरी तक अपना गन्ना आपूर्ति को कहा है।वही20 लाख कुंतल लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 8.17 लाख कुंतल गन्ना पेरा जा सका है। जीएम शैलेंद्र अस्थाना का कहना है कि मिल बंदी की यह पहली नोटिस है।

किसान सहकारी चीनी मिल घोसी जो की वर्तमान में जनपद की एक मात्र कार्यरत फैक्टरी है। कई सौ करोड़ के घाटे में चल रही है। जिसके वर्तमान पेराई सत्र का शुभारम्भ कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान द्वारा दिसम्बर 24 के प्रथम सप्ताह में किया गया था। इस वर्ष 20 लाख कुंतल गन्ना पेरने का लक्ष्य मंत्री एवं जीएम द्वारा बताया गया था। परंतु 13 फरवरी तक चीनी मिल द्वारा मात्र 8.17 कुंतल गन्ना ही पेरा जा सका है।सूत्रों के अनुसार कम गन्ना मिलने का एक कारण घोसी चीनी मिल के कई गन्ना सेंटर को संठियाव चीनी को दे देना है। किसानो को17 फरवरी को प्रथम बंदी की नोटिस जारी कर उनसे अपना गन्ना 16 फरवरी तक आपूर्ति करने को कहा गया है।

प्रधान प्रबंधक शैलेंद्र अस्थाना ने बताया कि चीनी मिल द्वारा प्रथम बन्दी की नोटिस देकर 17 फरवरी को बन्दी की सूचना दी गयी है। इसके बाद गन्ना न होने की स्थिति में दो और नोटिस देकर मिल बन्द कर दी जायेगी।किसानो का गन्ना पेरने के बाद बन्द होगी।

सीसीओ वी पी सिंह ने बताया कि चीनी मिल द्वारा अब तक रु 8.17 लाख कुंतल गन्ना की पेराई हो चुकी है। साथ ही 60 हजार कुंतल चीनी का उत्पादन किया जा चुका है। अभी ढाई लाख कुंतल के लगभग गन्ना मिलने की उम्मीद है।

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