तमिलनाडु : 'पीएमकेएसएन' से लाभान्वित हो रहे कृष्णागिरी के किसान, योजना के लिए 'पीएम मोदी का जताया आभार'

[ad_1]

कृष्णागिरी, 19 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की तरफ से समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखकर कई तरह की कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान-निधि’ (पीएमकेएसएन) योजना इसी में से एक है, जिससे तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के लोग भी लाभान्वित हो रहे हैं।

‘पीएम किसान सम्मान-निधि योजना’, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसके अंतर्गत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। किसानों को साल में तीन किस्तों में 6,000 रुपए द‍िए जाते हैं, जिसका इस्तेमाल वो कृषि से जुड़ी सामग्रियों की खरीदारी में करते हैं।

‘पीएमकेएसएन’ से तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं। जिले के लाभान्वितों ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए केंद्र की मोदी सरकार की तारीफ की।

कृष्णागिरी जिले के उथांगराई के बगल में सिंगरापेट्टई में रहने वाले किसान नागराज ने कहा कि “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि द्वारा प्रदान किए गए 2,000 रुपए उन्हें फसलों के लिए कीटनाशक और उर्वरक खरीदने में मदद करेंगे। इसके साथ ही उनके परिवार की जरूरतों जैसे कि फार्मेसी और भोजन खरीदने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

लाभार्थी ने इस योजना के लिए पीएम को धन्यवाद दिया, जो उनके जैसे किसानों के लिए बहुत उपयोगी है। वह चाहते हैं कि केंद्र सरकार कई और योजनाएं लाए, जो किसानों की मदद कर सकें।

बता दें कि पीएम-किसान योजना एक केंद्रीय योजना है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2019 में कृषि योग्य भूमि वाले किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए शुरू किया था। इस योजना के तहत, किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये तीन समान किस्तों में, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) मोड के माध्यम से आधार से जुड़े बैंक खातों में हस्तांतरित किया जाता है।

–आईएएनएस

एससीएच/सीबीटी

[ad_2]

Disclaimer : ऑटो फ़ीड्स द्वारा यह न्यूज़/समाचार स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। hindektatimes.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन इस न्यूज़/समाचार में नहीं किया गया है। इस न्यूज़/समाचार की एवं इसमें उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की हैद्य न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है।
इनपुट. आईएएनएस के साथ

Related Articles

Back to top button