मऊ:सहकारीचीनी मिलघोसी परिसर में कृषक गोष्ठी एवं चौपाल का आयोजन किया गया

किसान सहकारी चीनी मिल घोसी में आयोजित किसान गोष्टी को संबोधित करते जीएम शैलेंद्र अष्ठाना।
रिपोर्ट: अशोक श्रीवास्तव
मऊ:सहकारी चीनी मिल घोसी द्वारा आज दिनांक 09नवम्बर23 को किसान सहकारीचीनी मिलघोसी परिसर में कृषक गोष्ठी एवं चौपाल का आयोजन किया गया।किसान चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक शैलेन्द्र अस्थाना ने किसानों को बताया कि हम चीनी मिल दिसम्बर माह के प्रथम सप्ताह में संचालित करने का प्रयास कर रहे हैं , जिसकी सूचना आप समस्त को जल्द ही दे दी जायेगी । चीनी मिल द्वारा इस वर्ष दो मोड़ में पर्चियो का निर्गमन किया जायेगा, पहली 36 कुन्तल की पर्ची जिसपर मिल गेट पर टऐ्क्टर टाली सहित 80 कुन्तल गन्ने की तौल की जायेगी तथा 63 कुंतल की पर्ची पर मिल गेट पर टऐ्क्टर टाली सहित 120.00 कुन्तल गन्ने की तौल की जायेगी। चीनी मिल द्वारा सूखा गन्ना क्रय नहीं किया जायेगा और किसानो से अनुरोध किया कि वे पर्ची आने पर ही गन्ने की कटाई करें, किसानों को 05 दिन पूर्व गन्ने की पर्चियां प्राप्त होगी।जिसमें चीनी मिल के पूर्व संचालक श्री रामाश्रय राय, रविशंकर राय, शेख हिसामुद्दीन, राजमंगल यादव, पूर्व नेता श्री अब्दुल मन्नान, व्लाक प्रमुख श्री जय हिन्द यादव उपस्थित रहे। शोध केन्द्र पिपराइच के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ ओ पी गुप्ता ने किसानों को गन्ने की सहफसली खेती यथा आलू-गन्ना, सरसों – गन्ना, मसूर – गन्ना, प्याज- गन्ना, लहसुन -गन्ना के खेती के बारे में जानकारी प्रदान कर लाभान्वित किया, गेंदा लाल गन्ना शोध संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ विनय मिश्रा जी ने गन्ने के कीट एवं रोग व्याधियों के बारे में जानकारी प्रदान की एवं लाल सड़न के दुष्प्रभाव से अवगत कराया। चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी डॉ विनय प्रताप सिंह ने गन्ना शोध केन्द्र से विकसित नई प्रजातियां यथा को0 0118, 13235, 15023, 14201 के बारे में जानकारी प्रदान की। मुख्य गन्ना अधिकारी डॉ सिंह ने बताया कि चीनी मिल में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए फ़ार्म मशीनरी बैंक की स्थापना की गई है, जिससे किसान कम दर पर मल्चर एवं रिवर्सिबल मोल्ड बोर्ड प्लाउ प्राप्त कर सकते हैं। चीनी मिल में किसानों के लिए प्लांट हेल्थ क्लिनिक की स्थापना की गयी है, जिसमे वे अपने गन्ने में लगने वाली रोग व्याधियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर निदान कर सकते हैं। चीनी मिल द्वारा गन्ना बोने वाले किसानों के मिट्टी की जांच निःशुल्क करि सकते हैं।चीनी मिल के पूर्व संचालक सदस्य रविशंकर राय ने किसानों से अनुरोध किया कि यदि चीनी मिल को जिंदा रखना है, तो प्रत्येक किसान अपने निजी स्वार्थ को त्याग कर कम से कम एक विचार गन्ना अवश्य लगाएं। चीनी मिल के पूर्व उपाध्यक्ष रमाशंकर राय ने किसानों से आव्हान किया कि कृपया वे सूखा गन्ना चीनी मिल को आपूर्ति ना करें, इससे चीनी मिल के साथ साथ अपनी क्षति भी करते हैं। उन्होंने किसानों से कहा गन्ना कि एक ऐसी प्रजाति है, जो हर हालत में किसानों की आय को बढ़ाती है और किसान यदि वैज्ञानिक विधि से गन्ने की खेती करे तो वह कम से कम 1200 कुं गन्ना आराम से पैदा कर 5 लाख रु की आमदनी आराम से प्राप्त कर सकता है। गोष्ठी में राजमंगल यादव ने चीनी मिल की रोड ठीक कराने हेतु जिलाधिकारी को पत्र प्रेषित कर ठीक कराने के लिए कहा। गोष्ठी में क्षेत्र के प्रगतिशील कृषक तिघरा के अतुल सिंह ने भी गन्ने के अनुभव को किसानों को शेयर किया। रोहित यादव ने रिंग पिट विधि से गन्ने की बुबाई पर जानकारी दी। इस अवसर में दुबारी, मधुबन, रौनापार, लाटघाट, थलईपुर, देवारा, भेलउर के किसान राणा मल्ल, नरेन्द्र सिंह, सुधाकर सिंह, अश्वनी, अंगद, अभय, सुदर्शन, विजेन्द्र, राम नरेश चौधरी, गन्ना विकास परिषद के गन्ना पर्यवेक्षक श्रीमती पूजा , विजय सरोज, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक लाल चंद, सचिव घोसी हरविन्द राम सहित 300 से ज्यादा किसानों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक श्री मनोज राय द्वारा किया गया।



