श्री मोती बीए की 106 वीं जयंती उनके निवास स्थान बरहज में मनाई गई
देवरिया।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे कवि गीतकार सौदागर सिंह एवं कवित्री पार्वती देवी गौरा, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार सरदार दिलावर सिंह, प्रो अजय कुमार मिश्र , कार्यक्रम अध्यक्ष कवि श्री इंद्र कुमार दीक्षित जी, सम्मानित अतिथि पत्रकार श्री रामविलास प्रजापति, कवि रामेश्वर प्रसाद यादव, कवि डॉक्टर संकर्षण सिंह रहे।कार्य क्रम में आगंतुक अतिथियों को डायरी, कलम, अंग वस्त्र , सम्मान पत्र और एक स्टडी टेबल देकर के सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में पुस्तक संपदा और जनार्दन पांडे अनुरागी, संपदा और कवि डॉक्टर परमानंद उपाध्याय, संपदा और आचार्य महेंद्र शास्त्री, इतिहास का दर्द , मोती के मुक्तक, आस का दीया, सगुनी बाछा, बदलिका, हरसिंगार के फूल, कवि भावना मानव, समाचार पत्रों के नजरों में मोती बीए भाग 2, आपका मोती बाग दो, संपदा साहित्य का नेट वर्जन, मोती बीए के दैनिन्दिनी के बंद पृष्ठ और उनके पूर्वजों का इतिहास सन 1425 ई से इत्यादि पुस्तकों का विमोचन हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने श्री मोती बीए के चित्र पर माल्यार्पण कर, पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को शुरू किया। तत्पश्चात कार्यक्रम के अन्य अतिथि गण और आगंतुकों ने श्री मोती बीए के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। इसके बाद मुख्य अतिथियों का स्वागत सम्मान कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।
कवि श्री रामेश्वर प्रसाद यादव ने सरस्वती वंदना “जननी प्रेम सुधा बरसा दे” प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि सौदागर सिंह जी ने ” साहित्य के पुरोधा हवें, प्यार के हवें मोती” सुनाया। मुख्य अतिथि और कवित्री पार्वती देवी गौरा ने “कविवर मोती बीए को मैं करती हूं प्रणाम” नामक कविता को सुनाया और खूब सराहना लूटी। कवि राम मनोहर मिश्र जी ने “मां शारदा के वरद पुत्र थे कविवर मोती बीए” सुनाया। डॉ संकर्षण मिश्र ने सुनाया “बड़ा प्यारा होता है बालपन” वरिष्ठ पत्रकार रामविलास प्रजापति ने बताया कि मोती बीए पत्रकारिता के क्षेत्र में बहुत आगे थे । उन्होंने गुलामी में महत्वपूर्ण समाचार पत्रों में सहायक संपादक का कार्य भी किया और उन्हें इसी कारण भारत रक्षा कानून के अंतर्गत जेल में डाला गया था । वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। प्रो अजय कुमार मिश्र जी ने श्री मोती बीए के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ पत्रकार अध्यक्ष सरदार दिलावर सिंह ने कहा कि श्री मोती बीए के अभी बहुत सी कृतियां ऐसी हैं जिनको प्रकाश में लाना शेष है । उनके संस्मरण बहुत से अभी शेष हैं जिन्हें संकलित करना शेष है मेरी शुभकामना आप लोगों के साथ हैं । नागरी प्रचारिणी सभा की वरिष्ठ उपाध्यक्ष सम्मानित अतिथि श्री इंद्र कुमार दीक्षित ने कहा की आवश्यकता है श्री मोती बीए की एक प्रतिमा की । उन्होंने मोती बीए पर एक कविता भी पढ़ी, ” जाने काहे बा मनवा डेराईल।”
कार्यक्रम में श्री इंद्र कुमार दीक्षित जी को साहित्य शिरोमणि सम्मान, गीतकार सौदागर सिंह को श्री मोती बीए कवि रत्न सम्मान, कवित्री पार्वती देवी गौरा को श्री मोती बीए सम्मान, प्रोफेसर अजय कुमार मिश्र को श्री मोती बीए आदर्श शिक्षक सम्मान, वरिष्ठ पत्रकार सरदार दिलावर सिंह को श्री हर्षधर द्विवेदी सम्मान, कवि संकर्षण मिश्र को आचार्य महेंद्र शास्त्री सम्मान, कवित्री प्रार्थना राय को सुधाकर मणि त्रिपाठी सम्मान, कवित्री क्षमा श्रीवास्तव को श्री मोती बीए सम्मान, कवि रामेश्वर प्रसाद यादव जी को वीरांगना पैजनी सम्मान, कवि रमेश तिवारी अनजान को लक्ष्मी देवी सम्मान, कवि श्री कपिलेश्वर मिश्र को विश्वनाथ त्रिपाठी सम्मान, कवि राम मनोहर मिश्र को श्री जवाहरलाल उपाध्याय सम्मान, इत्यादि सम्मानों से विभूषित किया गया।
कार्यक्रम में देवरिया से आए नागरिक प्रचारिणी सभा के कवियों में क्षमा श्रीवास्तव, प्रार्थना राय ने अपनी कविताओं का पाठ किया। श्री मोती बीए के पुत्र भाल चन्द्र उपाध्याय, गीतकार रमेश सिंह दीपक, विकास तिवारी विक्की, कमलेश्वर मिश्र, ने भी अपनी अपनी रचनाओं को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सुशील कुमार उपाध्याय, आदित्य देव पांडे, आनंद देव पांडे, अभय नाथ मिश्र, शिवलाल वर्मा, पत्रकार जगदीश जायसवाल, शंभू दयाल भारती इत्यादि को अंग वस्त्र और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राकेश श्रीवास्तव, बीके सर, श्याम नारायण मालवीय, अरविंद त्रिपाठी, प्रीतम साहनी, हेमंत यादव, आदित्य गुप्त, अनिल यादव, जाह्नवी गुप्ता, पलक गुप्ता, निधि यादव, एंजेल इत्यादि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अंजनी कुमार उपाध्याय ने किया।



