Azamgarh news:अभियंता दिवस के शुभ अवसर पर समस्त अभियंताओं ने भारत रत्न डॉक्टर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को याद कर की गई श्रद्धांजलि

Azamgarh:On the auspicious occasion of Engineer's Day, all the engineers remembered Bharat Ratna Dr. Mokshagundam Visvesvaraya and paid tribute to him

आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय

आजमगढ़ जनपद में दिनांक सोमवार को सिधारी हाइडिल स्थित मुख्य अभियन्ताविद्युत कार्यालय पर पूर्वाचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का पी०पी०पी० मॉडल पर किये जा रहे निजीकरण के विरोध में ध्यानाकर्षण किया गया। आज “अभियन्ता दिवस” के अवसर पर आजमगढ़ जनपद के समस्त अभियंताओं, अवर अभियंताओं, टी० जी०-२ एवं कार्यालय सहायकों ने भारत रत्न डा० मोक्षगुण्डम विश्वेश्रेया को याद कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की एवं हमार देश के उत्थान में उनके अद्वितीय योगदान को याद किया। विरोध सभा में वक्ताओं ने कहा कि विद्युत विभाग एक इंजीनियरिंग/ तकनीकी कार्य क्षेत्र है, जिसके संचालन की जिम्मेदारी किसी कुशल इंजीनियर द्वारा की जानी चाहिये। चूंकि विद्युत समवर्ती सूची का विषय है इसलिये राज्य सरकार की नैतिक जिम्मेरारी होनी चाहिये कि अपने राज्य की जनता के हित में इसे सरकारी नियंत्रण में रखते हुए आवश्यक सुधार कार्यक्रम चलाये लेकिन इस विभाग की लोक सम्पत्ति को किसी पूंजीपति को निजी क्षेत्र में न सौंपा जाये। अगर विद्युत क्षेत्र निजी / पूँजीपतियों को सौंपा जायेगा तो इसका व्यापक दुष्परिणाम हमारे प्रदेश की गरीब जनता, प्रतियोगी छात्रों, युवाओं, किसानों, बुनकरों, व्यापारियों एवं विभागीय कर्मचारियों को भुगतना पड़ेगा। बिजली के निजी क्षेत्र में जाने से बेरोजगारी, एवं महंगाई भी प्रत्यक्ष रूप से बढ़े‌गी जिसका दंश उत्तर प्रदेश की गरीब जनता को झेलना पड़ेगा । पूंजीवादियों के हाथों में विद्युत क्षेत्र में जाने से विद्युत दरों में अप्रत्याशित वृद्धि होगी और लोग महँगी बिजली का उपभोग करने से वंचित होंगे, जिसके कारण उत्तर प्रदेश की आबादी का एक बड़ा वर्ग वापस “लालटेन युग” में जीने को विवश होगा। आज की सभा में अभियंता संघ, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन उ ०प्र०, विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघ उ०प्र०, उ ० प्र० प्राविधिक कर्मचारी संघ, विद्युत कार्यालय सहायक संघ उ० प्र० सहित अन्य संगठनों के समस्त सदस्य उपस्थित रहे। आज की विरोध सभा को मुख्य रूप से इं० उपेन्द्र नाथ चौरसिया, संदीप चन्द्रा, चन्द्र शेखर, संजीव प्रभाकर, संजीव यादव, वेद प्रकाश यादव, जय प्रकाश यादव, वीर विक्रम सिंह, रामनयन यादव, अशोक यादव, श्रीमती पिंकी गौतम, रोशन यादव, महेश गुप्ता, अवधेश सिंह यादव आदि ने सम्बोधित किया। सभा की अध्यक्षता इं. आकाश गुप्ता एवं संचालन प्रभु नारायण पाण्डेय “प्रेमी” ने किया।

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