Azamgarh news:शक के नाम पर अमानवीय हमला:भीरा की घटना से उठे सवाल,भीड़ ने मंदबुद्धि युवक पीटा-पुलिस ने हस्तक्षेप कर बचाया,वीडियो वायरल

Azamgarh. A horrific picture of mobocracy came to light late on Monday night in Bhira village of Bardah police station area. Villagers caught a mentally challenged youth walking on the village highway thinking him to be a thief and beat him mercilessly with sticks. The incident is said to have happened around 11:30 pm. As soon as the information was received, the police reached the spot and rescued the youth from the clutches of the villagers

आजमगढ़। बरदह थाना क्षेत्र के भीरा गांव में सोमवार देर रात भीड़तंत्र की भयावह तस्वीर सामने आई। गांव के हाइवे पर पैदल जा रहे एक मंदबुद्धि युवक को ग्रामीणों ने चोर समझकर पकड़ लिया और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीट डाला। घटना रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया। गंभीर रूप से घायल युवक को बरदह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।पूछताछ में पता चला कि पीड़ित की पहचान जयराम सिंह पुत्र रामसबद निवासी शाहखजूरा, थाना रानी की सराय के रूप में हुई। वह पिछले एक सप्ताह से लापता था और उसके परिजन लगातार खोजबीन कर रहे थे।परिजनों ने थाने में पहुंचकर बताया कि जयराम मानसिक रूप से बीमार है और कई दिन से घर से बिना बताए निकल गया था। गुमशुदगी की सूचना रानी की सराय थाने पर दी गई थी लेकिन औपचारिक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में गांव में चोरी की घटनाएं हुई थीं और संदेह के आधार पर उन्होंने युवक को चोर समझ लिया।बरदह थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने बताया कि युवक पूरी तरह मंदबुद्धि है, उसे किसी अपराध से जोड़ना गलत है। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर सुरक्षित सुपुर्दगी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि भीड़तंत्र के भरोसे न्याय की कोशिश कितनी खतरनाक हो सकती है। मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को बिना जांच-परख सिर्फ शक के आधार पर पीटना न केवल अमानवीय है बल्कि कानूनन भी गंभीर अपराध है।

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