Deoria news:प्राचार्य परिषद में पांच सूत्रीय मांग पत्र सौपा, समस्याओं के समाधान का कुलपति ने दिया आश्वासन
The Principals' Council submitted a five-point demand letter, the Vice Chancellor assured to resolve the problems, the Principals' Council delegation met the Vice Chancellor, placed demands related to examinations and results.
देवरिया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के चयनित प्राचार्य परिषद का प्रतिनिधिमंडल को कुलपति प्रो० पूनम टंडन से मिला और पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। प्राचार्य परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से महाविद्यालयों से जुड़ी कई समस्याएं सामने आ रही हैं, जिनके समाधान में विश्वविद्यालय प्रशासन का सहयोग आवश्यक है।परिषद अध्यक्ष एवं स्थानीय बाबा राघवदास भगवानदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय आश्रम बरहज, देवरिया के प्राचार्य प्रो० शंभूनाथ तिवारी ने कहा कि परीक्षाओं, परिणामों और पारिश्रमिक से संबंधित दिक्कतों के कारण महाविद्यालयों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान किया जाए तो विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को राहत मिलेगी।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से पाँच मांगें रखी गईं
1. परीक्षकों एवं कक्ष परिप्रेक्षकों को पारिश्रमिक का समय से भुगतान।
2. परीक्षा परिणाम घोषित करने में विलंब न किया जाए और निश्चित समय सीमा में परिणाम जारी हों।
3. माइनर प्रश्नपत्रों में आंतरिक अंक व्यवस्था लागू की जाए, जिससे छात्रों का मूल्यांकन अधिक पारदर्शी हो।
4. परिणाम घोषित होते ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित करने के साथ-साथ महाविद्यालयों को भी क्लास लिस्ट भेजी जाए।
5. परीक्षा संबंधी कार्यों में समन्वय बढ़ाकर अनावश्यक विलंब और जटिलताओं को दूर किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि इन मांगों को पूरा कर दिया जाता है तो महाविद्यालयों की कार्यप्रणाली सुचारु होगी और छात्रों को भी समय से लाभ मिलेगा।
कुलपति प्रो० पूनम टंडन ने प्राचार्य परिषद के पदाधिकारियों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक रवैया अपनाया और आश्वासन दिया कि सभी मांगों पर शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी। कुलपति ने कहा कि छात्रों के हित और शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाना विश्वविद्यालय प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।प्रतिनिधिमंडल में परिषद के महामंत्री प्रो० ओमप्रकाश सिंह, उपाध्यक्ष प्रो० शैल पांडेय, प्रो० अर्जुन मिश्रा, प्रो० मंजू मिश्रा, प्रो० ममता मणि त्रिपाठी, प्रो० बृजेश पांडेय और प्रो० श्याम सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी ने एक स्वर से कहा कि परिषद महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय के बीच सेतु का कार्य करती रहेगी और हर स्तर पर संवाद स्थापित कर समाधान की दिशा में कार्य करेगी।



