Azamgarh news:डॉ अनिल कुमार द्वितीय बने आजमगढ़ के नये पुलिस अधीक्षक, हेमराज मीणा को पुलिस मुख्यालय लखनऊ से किया गया संबद्ध
कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए 16 आईपीएस का किया गया तबादला

आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय
कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए 16 आईपीएस का किया गया तबादला
आजमगढ़ जनपद में कानून को चुस्त दुरुस्त करने के लिए शासन द्वारा जिले के पुलिस विभाग की कमान आईपीएस डा अनिल कुमार द्वितीय को सौंपी गई। प्रदेश में 16आईपीएसों को इधर से उधर किया गया है। जिले के पुलिस अधीक्षक रहे हेमराज मीणा को लखनऊ पुलिस मुख्यालय तथा संतोष कुमार मिश्रा डीएसपी कुशीनगर को पुलिस मुख्यालय विक्रांत वीर एसपी देवरिया को भी पुलिस मुख्यालय लखनऊ किया गया। वहीं जयप्रकाश सिंह एसपी सुरक्षा लखनऊ से एसपी उन्नाव, संजीव सुमन को एसएसपी अलीगढ़ से एसपी देवरिया, नीरज कुमार जादौन को एसपी हरदोई से एसएसपी अलीगढ़, अशोक कुमार मीणा को एसपी सोनभद्र से एसपी हरदोई ,अभिषेक वर्मा को एसपी रेलवे आगरा से एसपी सोनभद्र, दीपक भूकर को एसपी उन्नाव से एसपी प्रतापगढ़, केशव कुमार को एसपी अंबेडकर नगर से एसपी कुशीनगर, अभिजीत आर शंकर को एसपी औरैया से एसपी अंबेडकर नगर, अभिषेक भारती को पुलिस उपायुक्त प्रयागराज से एसपी औरैया, मनीष कुमार शांडिल्य को सेनानायक पीएसी प्रयागराज से पुलिस उपायुक्त प्रयागराज ,अनिल कुमार झा को अपर पुलिस अधीक्षक बलिया से एसपी रेलवे आगरा, सर्वेस कुमार मिश्रा को उपसेना नायक पीएसी सीतापुर से सेनानायक पीएसी प्रयागराज बनाया गया। आजमगढ़ एसएसपी डॉ अनिल कुमार द्वितीय 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। यह मूल रूप से झुनझुनू राजस्थान के रहने वाले हैं। इसके पहले जनपद प्रतापगढ़ के एसपी रहे हैं। पूर्व एसपी आजमगढ़ हेमराज मीणा को 25 जून 2024 में एसएसपी आजमगढ़ के रूप में कमान मिली थी। यह कानून व्यवस्था बनाने में पूरी तरह से असफल रहे। उनके दौर में गोकशी हत्या मारपीट का ग्राफ काफी बढ़ गया था। विभाग के कर्मचारियों के ऊपर इनकी कोई कमान्ड नहीं थी। उनके दौर में थाना अध्यक्ष बरदह को दो पक्षों के विवाद सुलझाने में ग्रामीणों द्वारा लाठी डंडे से पिटाई का वीडियो वायरल हुआ था। उस हिसाब से कुछ खास कार्यवाही नहीं थी। उस दौर में पुलिस और जनता के बीच काफी आक्रोश था। पुलिस कस्टडी से इनामिया अपराधी फरार हुए थे। गोकशी तो इनके समय में रुकी ही नहीं। अभी हाल ही में जीयनपुर थाना कोतवाली अंतर्गत लोको पायलट दुर्गेश हत्याकांड के मामले में भी आरोपियों द्वारा पुलिस कस्टडी में पुलिस को ही गाली दी गई। इस तरह के वीडियो भी वायरल हो रहे थे। जनपद की जनता और नेता, मंत्री भी इनके कार्य से खुश नहीं थे। जिसको देखते हुए इन्हें मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। अब जनता को एक बार फिर नए कप्तान के आने से जनपद में कानून व्यवस्था चुस्त दुरुस्त होने की उम्मीद बढ़ गई है।



