जबलपुर में पुलिस के नाक के नीचे शहर के बीचोबीच सरकारी सामुदायिक भवन बना नशे का अड्डा … पुलिस संरक्षण में चल रहा अवैध कारोबार, स्थानीयों ने खोला राज
In Jabalpur, right under the nose of the police, a government community building in the heart of the city has become a drug den... Illegal trade is going on under police protection, locals revealed the secret.

जबलपुर:जबलपुर के छोटी ओमती भरतीपुर क्षेत्र से एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सरकारी सामुदायिक भवन, जिसे जनता की सुविधा और सामाजिक आयोजनों के लिए बनाया गया था, अब नशे और अपराध का गढ़ बन चुका है। व्यौहारबाग निवासी वीरू चौधरी ने पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत देकर इस गोरखधंधे की पूरी परतें खोल दी हैं।शिकायत के मुताबिक, सामुदायिक भवन पर छोटू सोनकर और अनिकेत सोनकर पिता श्रीनाथ सोनकर समेत कुछ असामाजिक तत्वों ने कब्जा कर रखा है। भवन के मुख्य और पिछले दोनों गेट पर इन लोगों ने अपने ताले जड़ दिए हैं, मानो यह सरकारी नहीं, निजी संपत्ति हो।
नशे और जुए का अड्डा बना भवन
वीरू चौधरी का आरोप है कि इस भवन में शराब, गांजा, और स्मैक जैसे मादक पदार्थों का खुला कारोबार किया जा रहा है। शहर भर के नशेड़ी यहां इकट्ठा होकर नशे का सेवन करते हैं। देर रात तक यहां जुए के फड़ चलते हैं और असामाजिक गतिविधियों का अड्डा बना रहता है। परिणामस्वरूप, आसपास की गलियों में चोरी, झगड़े और मारपीट जैसी घटनाएं आम हो चुकी हैं।
पुलिस संरक्षण के गंभीर आरोप
सबसे गंभीर आरोप यह है कि यह सारा कारोबार कथित तौर पर स्थानीय पुलिस की शह पर चल रहा है। शिकायत में साफ कहा गया है कि कुछ पुलिसकर्मी इन लोगों से हफ्ता वसूलते हैं और बदले में उन्हें संरक्षण प्रदान करते हैं। यही कारण है कि इन युवकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे किसी भी नागरिक से सरेआम बदतमीजी और मारपीट करने से नहीं हिचकिचाते।
क्षेत्रीय नागरिकों में भय और आक्रोश
भरतीपुर और छोटी ओमती के स्थानीय नागरिक अब इस अवैध कब्जे और नशे के कारोबार से त्रस्त हैं। रात में क्षेत्र में आवाजाही मुश्किल हो चुकी है। नागरिकों का कहना है कि वे कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जबलपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय इस गंभीर शिकायत पर क्या रुख अपनाता है क्या इस मामले में सचमुच एक निष्पक्ष जांच होगी, या फिर यह शिकायत भी फाइलों में दबकर रह जाएगी, जैसे कई और शिकायतें अतीत में हो चुकी हैं।जांच की मांग: शिकायतकर्ता ने मांग की है कि सामुदायिक भवन को तत्काल अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए और वहां चल रहे नशे व जुए के कारोबार में शामिल सभी लोगों तथा उन्हें संरक्षण देने वाले पुलिस कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
जबलपुर से वाजिद खान की रिपोर्ट



