Mau News: मऊ में शिक्षादीक्षा पाए एवं असम के आईजी अखिलेश सिंह को मिले दो प्रतिष्ठित पदक।
मऊ। घोसी।मऊ के मुरारपुर गांव में पिता के साथ रहते हुए शिक्षा दीक्षा पाने के साथ आईपीएस बनने वाले एवं आजमगढ के मूलनिवासी अखिलेश कुमार सिंह (असम कैडर) को कल दो प्रतिष्ठित पदकों गृहमंत्री दक्षता पदक (विवेचना के लिए) वर्ष 2012 में असम के शिवसागर जिले के एक गांव में एक निर्दोष महिला को डायन बताकर लोगों ने ज़िंदा जला दिया गया था । तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के रूप में अखिलेश कुमार सिंह ने कड़ी कार्यवाही करते हुए अपराधियों को गिरफ्तार करवाया था तथा गाँव में सुरक्षा की व्यवस्था की थी । वैज्ञानिक रूप से मामले की विवेचना की गई तथा पुलिस की चार्जशीट तथा सबूतों/ गवाहों के बयान के आधार पर मई 2025 में न्यायालय ने 23 अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई । इस उपलब्धि के लिए श्री अखिलेश सिंह तथा विवेचना में सम्मिलित दो डीएसपी और एक उप निरीक्षक को गृहमंत्री पदक 2025 प्रदान किया गया। मणिपुर डीजीपी प्रशंसा पदक तथा वर्ष 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद मणिपुर में फंसे असम के लोगों को लाने के किए अखिलेश सिंह को इम्फाल भेजा गया था । उन्होंने सैकड़ों लोगों को सकुशल वापस लाया । इसके पश्चात मणिपुर पुलिस के 2000 जवानों की असम में इन्होंने प्रशिक्षण की व्यस्था अपने प्रत्यक्ष देखरेख में की , जिससे मणिपुर में शांति बहाली में बहुत मदद मिली । इसके लिए अखिलेश सिंह को मणिपुर डीजीपी का प्रशंसा पदक प्रदान किया गया। किसी एक राज्य के पुलिस अधिकारी को दूसरे राज्य के डीजीपी द्वारा मेडल दिया जाना बहुत दुर्लभ होता है ।
उल्लेखनीय है की श्री सिंह को उल्फा उग्रवादियों के विरुद्ध अभियान के लिए 2014 में राष्ट्रपति के वीरता मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
जनवरी 2025 से वे असम के आईजी कानून व्यस्था का दायित्व संभाले हुए हैं । इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों में प्रसन्नता व्याप्त है।



