Azamgarh news:राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस 7 नवम्बर पर रोकथाम, शीघ्र पहचान और जन-जागरूकता पर रहेगा जोर
National Cancer Awareness Day on November 7 will focus on prevention, early detection and public awareness.

आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय
आजमगढ़ जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस, जो कल 7 नवम्बर को मनाया जाएगा, के अवसर पर जनपद में जन-जागरूकता गतिविधियाँ और स्क्रीनिंग व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान और शीघ्र उपचार ही इस गंभीर बीमारी से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं। सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनपद स्तर पर कैंसर रोगियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। यदि किसी मरीज में विशेष या गंभीर लक्षण पाए जाते हैं, तो उसे आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर किया जाता है। कैंसर स्क्रीनिंग हेतु मंडलीय जिला चिकित्सालय, आज़मगढ़ में कक्ष संख्या 6 निर्धारित किया गया है, जहाँ योग्य फिजीशियन उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कैंसर रोग सरकार द्वारा चलाए जा रहे एनसीडी (गैर संचारी रोग) कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के कक्ष संख्या 12 से संचालित किया जाता है।
इस अवसर पर एनसीडी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ आलेन्द कुमार ने बताया कि जनपद के विभिन्न ब्लॉक स्तर पर भी कैंसर स्क्रीनिंग, परामर्श एवं जागरूकता गतिविधियाँ की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि कैंसर के प्रत्येक संभावित मरीज की जल्द पहचान कर उसे उपचार की श्रृंखला में जोड़ा जाए। डॉ. आलेन्द ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारी एवं पैरामेडिकल स्टाफ नियमित रूप से एनसीडी क्लिनिक में स्क्रीनिंग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तंबाकू और गुटखा जैसे उत्पाद कैंसर के प्रमुख कारण हैं, इसलिए इनसे दूरी बनाना सबसे प्रभावी बचाव है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने जनता से अपील की कि वे तंबाकू, गुटखा और शराब से पूरी तरह दूरी बनाएं, संतुलित आहार लें तथा किसी भी असामान्य लक्षण जैसे किसी भी हिस्से में गाँठ, लगातार खाँसी आना और मुँह से खून आना, मुँह में घाव का न भरना या वजन घटना को अनदेखा न करें। उन्होंने कहा कि कैंसर का समय पर पता चलने पर इसका उपचार पूर्णतः संभव है। इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।



