Azamgarh news :अदालत ने 2002 में हत्या मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक को 82 हजार रुपए का लगाया जुर्माना
अदालत ने 2002 में हत्या मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक को 82 हजार रुपए का लगाया जुर्माना

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
थाना महाराजगंज में वर्ष 2002 में दर्ज हत्या के एक मामले में अदालत ने तीन अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक को ₹82,000 के अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रकरण के अनुसार, दिनांक 17 फरवरी 2002 को वादी हरिशंकर सिंह उर्फ झिनकू सिंह, निवासी ग्राम आराजी देवारा करखिया, थाना महाराजगंज, जनपद आजमगढ़ ने थाने में तहरीर दी थी कि उसी दिन शाम लगभग 4 बजे, पुरानी रंजिश को लेकर अभियुक्तगण —
1️⃣ कमलेश पुत्र सूर्यनाथ उर्फ सूरज, निवासी ग्राम नीलमपुर,
2️⃣ इन्द्रासन यादव पुत्र सुरजू यादव, निवासी ग्राम देवारा कदीम, तथा
3️⃣ दिनेश सिंह पुत्र स्व. रामसूरत सिंह, निवासी ग्राम बसन्तपुर,
— सभी थाना महाराजगंज, जनपद आजमगढ़ के रहने वाले हैं, ने एक राय होकर रायफल और बंदूक से गोली मारकर वादी पक्ष के राजेश सिंह पुत्र रमाशंकर सिंह की हत्या कर दी।
घटना के बाद थाना महाराजगंज में मुकदमा मु.अ.सं. 39/2002, धारा 147, 148, 149, 302, 307 भादंवि, धारा 5 विस्फोटक अधिनियम एवं धारा 7 सीएलए एक्ट के तहत दर्ज किया गया। अभियुक्तों के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसके दौरान कुल 16 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
लंबी न्यायिक प्रक्रिया के उपरांत, 10 नवम्बर 2025 को माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, आजमगढ़ ने तीनों अभियुक्तों को अपराध सिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को ₹82,000 के अर्थदंड से दंडित किया।



