जिनके लफ़्ज़ों में हक़ की आवाज़ बसती है, वो हैं बीर भद्र प्रताप, जिनसे सच्चाई महकती है!
कलम ने जब उठाई आवाज़, सत्ता भी झुक जाएगी, ग्रामीण पत्रकारों की हिम्मत यूँ ही रंग लाएगी!

जहाँ स्याही का हर कतरा बन जाए इंक़लाब,वहीं से उठेगा पत्रकारों का जवाब!
आजमगढ़। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन मण्डल आजमगढ़ ने पत्रकारों की समस्याओं और हितों को लेकर बुधवार को मण्डलायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने का यह ऐतिहासिक कार्यक्रम प्रांतीय अध्यक्ष महेन्द्र कुमार सिंह के आह्वान पर मण्डल अध्यक्ष बीर भद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें मण्डल के सैकड़ों पत्रकार शामिल हुए।मण्डल अध्यक्ष बीर भद्र प्रताप सिंहने कहा कि ग्रामीण पत्रकार समाज का वास्तविक दर्पण हैं,
जो गांव-गांव तक सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने और जन समस्याओं को प्रशासन तक उठाने का कार्य निष्ठा व साहस के साथ करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को पत्रकारों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ और अधिक सशक्त हो सके।आगे बीर भद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन प्रदेश का सबसे बड़ा संगठन है, जो न केवल उत्तर प्रदेश में बल्कि देश के अन्य प्रांतों में भी सक्रियता से अपनी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए लगातार संघर्षरत है। श्री सिंह ने कहा कि पत्रकार अपने लेखन के माध्यम से शासन की नीतियों और योजनाओं को जनता तक पहुंचाते हैं, ऐसे में सरकार को पत्रकारों के लिए सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए।
ज्ञापन में मुख्य रूप से पाँच महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं —
1️⃣ पत्रकार मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए।
2️⃣ राज्य विज्ञापन समिति में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के दो प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
3️⃣ ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं के समाधान हेतु एक स्थायी आयोग का गठन किया जाए।
4️⃣ एसोसिएशन को दारुल सफा या ओसीआर में आवासीय कार्यालय हेतु भवन आवंटित किया जाए।
5️⃣ तहसील एवं ब्लाक स्तर के पत्रकारों को परिवहन, चिकित्सा एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं दी जाएं तथा गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना में शामिल किया जाए।
प्रदेश कोषाध्यक्ष छोटे लाल चौधरी ने कहा कि संगठन ग्रामीण पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र की रीढ़ हैं और उनकी आवाज़ को अनसुना नहीं किया जा सकता।ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से प्रदेश कोषाध्यक्ष छोटे लाल चौधरी, बृजभूषण उपाध्याय, कृष्ण मोहन उपाध्याय, प्रदीप कुमार राय, संतोष कुमार मिश्र, आसीत कुमार श्रीवास्तव, जीत बहादुर सिंह, नायाब यादव, ओंमकार नाथ मिश्र, प्रभात कुमार सिंह, नीरज चौरसिया, अशोक विश्वकर्मा, रविन्द्र मिश्र, अखिलेश चौबे, अरुण कुमार पाण्डेय, रुपेश तिवारी, सी. बी. भास्कर, महेंद्र सिंह, अजय सिंह, अच्युतानंद तिवारी, संजय कुमार सिंह, अर्पित मिश्र, भूपेंद्र यादव, धर्मेन्द्र कुमार सिंह, मु. शमीम, प्रदीप कुमार वर्मा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।



