आजमगढ़ में ताबड़तोड़ मुठभेड़ें:तीन अपराधी गोली से घायल,चौथा बिना फायरिंग के पकड़ा गया
Azamgarh: Three criminals injured, fourth apprehended without firing

आजमगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता: एक ही रात में दो मुठभेड़ों में चार शातिर अपराधी गिरफ्तार, तीन बदमाश गोली लगने से घायल
आजमगढ़। जनपद पुलिस ने बुधवार रात दो अलग-अलग मुठभेड़ों में अंतरराज्यीय लूट, छिनैती, चोरी और ठगी गिरोह के चार सक्रिय अपराधियों को धर दबोचा। इनमें तीन बदमाश पुलिस की गोली से घायल हुए, जबकि एक को बिना गोली लगे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से अवैध असलहे, कारतूस, दो मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है।पहली मुठभेड़ थाना कोतवाली क्षेत्र में हुई।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने वंशी बाजार उकरौड़ा ककरहटा मार्ग पर घेराबंदी की। इसी दौरान बेगूसराय (बिहार) निवासी विकास कुमार शाह (28) और खगड़िया निवासी इन्दल (26) को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में विकास कुमार शाह के पैर में गोली लगी, जबकि इन्दल को पुलिस ने मौके पर दबोच लिया।मौके से पुलिस ने एक .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा व एक खोखा कारतूस, अपाचे RTR मोटरसाइकिल बरामद की। जांच में सामने आया कि विकास के खिलाफ गाजीपुर, रायबरेली, कुशीनगर और आजमगढ़ में कुल 5 आपराधिक मुकदमे, जबकि इन्दल के खिलाफ एक मुकदमा आजमगढ़ में दर्ज है।दूसरी मुठभेड़ देर रात थाना रानी की सराय क्षेत्र के मझगांव कट के पास हाईवे पर हुई। पुलिस टीम ने जब संदिग्ध बाइक सवारों को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में खगड़िया (बिहार) निवासी विक्की कुमार (33) और रानी की सराय निवासी रितेश सोनकर (42) के दाहिने पैर में गोली लगी। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया,इनके कब्जे से देशी पिस्टल, एक जिंदा व दो खोखा कारतूस, हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन और ₹1250 नकद बरामद किया गया। विक्की के खिलाफ महराजगंज, कुशीनगर और आगरा में तीन मुकदमे तथा रितेश के खिलाफ रानी की सराय थाने में एक पुराना मुकदमा दर्ज है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध-नियंत्रण अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों ने दोनों टीमों की त्वरित व साहसिक कार्रवाई की सराहना की है। इन सफल मुठभेड़ों से जहां अपराधियों में दहशत व्याप्त है, वहीं आमजन में पुलिस के प्रति भरोसा और सुरक्षा की भावना और मजबूत हुई है।



