Deoria news:गजेंद्र मोक्ष की कथा सुन झूम उठे श्रद्धालु

गजेंद्र मोक्ष की कथा सुन झूम उठे श्रद्धालु।
देवरिया
बरहज तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सोनाडी में, चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास हरीश मिश्रा ने गजेंद्र मोक्ष की कथा सुनाते हुए कहा कि गजेंद्र अपने संपूर्ण परिवार पर भरोसा करता था अपने पूरे परिवार के साथ सरोवर में जल पीने गया था इसी बीच ग्राह ने गजेंद्र का पांव पकड़ लिया, और और खींचकर गज को गहरे जल में ले पहुंचा गजेंद्र को लगा कि हमारे कुटुंबी जन, हमारी रक्षा करेंगे लेकिन गजेंद्र को जब कोई सहायता नहीं मिली तो उसने भगवान को पुकारा
गजेंद्र की करुण पुकार सुनकर नारायण व्याकुल होते जिस समय गजेंद्र ने नारायण को पुकारा उसमें लक्ष्मी जी के साथ नारायण विश्राम कर रहे थे गजेंद्र की पुकार सुनकर भगवान उसकी रक्षा के लिए दौड़ पड़े इतनी शीघ्रता को देखकर लक्ष्मी जी ने पूछा प्रभु आप कहां जा रहे हैं मानो भगवान लक्ष्मी को बताना चाहते थे की हाथी की रक्षा करने जा रहा हूं लक्ष्मी ने नारायण के मुख से केवल हाथ शब्द सुना थी शब्द, वहां पूर्ण हुआ जहां हाथी था इतनी शीघ्रता से आने के बाद भी भगवान ने अपने भक्त गजेंद्र को अपने पीतांबर से पहुंचकर और कहा कि भक्ति मुझे क्षमा करना मेरे आने में विलंब हो गया सुड में फूल लिए गजराज कहे अब नाथ उबारो देर भई है
नाथ ने आयके धाय धरी और ग्राह के मुख से निकाल लई है गज राज को
पोछी पीतांबर से फिर करुणा निधि रोय कही है
भक्त सहि- तुमने दुख महा
करिये क्षमा‌ मोहि देर भई
है। इतनी सी कथा से आने के बाद भी भगवान ने गजेंद्र से क्षमा मांगी ग्राह को मारकर गजेंद्र को भगवान ने बचा लिया कथा के दौरान मुख्य यजमान राम विकास दुबे द्वारा भगवान की भव्य आरती उतारी गई इस अवसर पर व्यास हरीश मिश्रा सहित अन्य भागवत कथा के श्रद्धालु जन काफी संख्या में उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button