आजमगढ़ में पराली नियंत्रण सेल सक्रिय, रोज़ होगी मॉनिटरिंग,छह किसानों पर अर्थदंड,प्रशासन सख़्त
Stubble control cell activated in Azamgarh, daily monitoring will be done

आजमगढ़ 18 नवम्बर– उप कृषि निदेशक आशीष कुमार ने बताया है कि मा0 सर्वोच्च न्यायालय एवं मा0 राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा प्रदत्त निर्देशानुसार धान की पराली/गन्ने की पत्ती एवं कूड़ा अपशिष्ट जलाया जाना दण्डनीय अपराध है, जिस के लिये दोषी पर अर्थ दण्ड आरोपित किया जाता है। जिलाधिकारी, आजमगढ़ महोदय द्वारा अवगत कराया गया कि पराली जलाये जाने से मृदा स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और यह मानव स्वास्थ्य के लिए भी हानिप्रद है।
मा0 सर्वोच्च न्यायालय एवं मा0 राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा निर्गत आदेशों के अनुपालन में पराली/फसल अवशेष जलाये जाने से हो रहे प्रदूषण की रोकथाम के दृष्टिगत जनपद स्तर पर एक सेल का गठन करते हुए प्रत्येक दिन अनुश्रवण किये जाने एवं प्रत्येक ग्राम प्रधान एवं क्षेत्रीय लेखपाल की जिम्मेदारी होगी कि अपने क्षेत्र में फसल अवशेष जलाने की घटनायें बिल्कुल न होने दें अन्यथा उनके विरूद्ध भी कार्यवाही की जायेगी। मा0 राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश के अनुसार फसल अवशेष जलाया जाना कानूनी रूप से निषिद्ध है, इसके उल्लघंन पर सम्बन्धित के विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी।जिलाधिकारी महोदय द्वारा किसानों से अपील गयी कि कृषि विभाग के कार्मिकों से सुझाव प्राप्त कर फसल अवशेष को कृषि यंत्रों एवं वेस्टडी-कम्पोजर के माध्यम से उप चारित करते हुए कम्पोस्ट खाद बनाकर अपनी फसलों में प्रयोग करें। उप कृषि निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि कृषक बन्धु पराली को निराश्रित गौशालाओं में विक्रय कर सकते हैं। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि जनपद में अब तक खरीफ 2025 सत्र में पराली जलाने की 06 घटनाएँ प्रकाश में आयी हैं। जिसके अर्न्तगत श्री भानी पुत्र श्री रामदेव, श्री जितेन्द्र पुत्र रामदेव, श्री जयराम पुत्र श्री राघुपति, श्री अशोक कुमार पुत्र राधेश्यामपर रू0-2500.00 प्रति व्यक्ति एवं श्री दुर्गेश पुत्र बलिसरन रू0-5000.00 एवं श्री वीपूल ओझा पुत्र श्री अवध कुमार राजस्व विभाग द्वारा दोषी कृषकों के ऊपर नियमानुसार अर्थदण्ड आरोपित किया गया है।
मा0 राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम की धारा 24 के अर्न्तगत क्षतिपूर्ति की वसूली एवं धारा 26 के अर्न्तगत उल्लघंन की पुनरावृत्ति होने पर सम्बन्धित के विरूद्ध अर्थदण्ड तथा भारतीय न्याय सहिंता की धारा 126 एवं 135 के अर्न्तगत विधिक कार्यवाही भी सम्पादित की जायेगी। उनके द्वारा बताया गया कि कृषि निदेशालय उ0प्र0 से प्राप्त निर्देश के क्रम में पराली जलने से रोकने के प्रचार-प्रसार हेतु 03 प्रचार वाहन प्रति दिवस जनपद में चक्रमित हैं,जिलाधिकारी महोदय द्वारा प्रदत्त निर्देश के अनुसार जिन क्षेत्रों में विगत 03 वर्ष में पराली जलने की घटनाएँ प्रकाश में आयी हैं, उन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर रोस्टर तैयार कर प्रचार वाहन संचालित कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त उप कृषि निदेशक द्वारा कृषक बन्धुओं से अपील की गयी कि फसलों के अवशेष कदापि न जलायें एवं धान की कटाई कम्बाईन हार्वेस्टर से कराते समय फसल अवशेष प्रबन्धन के यंत्रों का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें तथा वेस्टडी-कम्पोजर तथा यूरिया का प्रयोग करते हुए अवशेष को खेत में ही सड़ादें।कन्ट्रोल रूम नम्बर-9454417172 पर कृषक बन्धु फसल अवशेष प्रबन्धन के सम्बन्ध में कोई भी जानकारी/शिकायत कर सकते है, एवं उप कृषि निदेशक कार्यालय में कार्यरत डा0 आर0के0यादव जनपदीय सलाहकार मो0 नम्बर-9415208288 एवं डा0 सी0एल0शर्मा प्रभारी डिप्टी पी0डी0 आत्मा मो0 नम्बर-9415654276 अथवा उप कृषि निदेशक के मोबाइल नम्बर-9452293008 परकार्यालय अवधि में सम्पर्क कर सकते हैं।



