Azamgarh News: जर्जर बिजली तारों ने अब तक ली दो नीलगायों की जान, तीन बकरियाँ भी हुई करंट की भेंट, सेहदा गांव के ग्रामीणों में उबाल, विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप

आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय
आज़मगढ़-सेहदा,
बिजली विभाग की घोर लापरवाही एक बार फिर मौत का कारण बनी है। मातनपुर विद्युत उपकेंद्र से सेहदा गांव को सप्लाई देने वाली लाइन पर लगे पुराने और जर्जर तार इतने नीचे झूल रहे हैं कि अब तक दो नीलगाय व तीन बकरियों की मौत करंट की चपेट में आने से हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि तार जमीन से मात्र दो फुट ऊपर लटक रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि तारों की यह स्थिति 40–45 साल पुराने जर्जर हो चुके कंडक्टरों की वजह से तार आए दिन टूटकर गिर जाते हैं। ट्रांसफार्मर के पास भी सुरक्षा के लिए जाली या बैरिकेडिंग तक नहीं लगाई गई है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों ने कई बार हाइडिल जाकर विभागीय कर्मचारियों को लिखित व मौखिक रूप से शिकायतें दीं, लेकिन आज तक तारों को ऊँचा करने की कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि जब तार टूट जाता है तो उन्हें खुद चंदा इकट्ठा कर 500 से 1000 रुपये तक कर्मचारियों को देने पड़ते हैं, तभी तार जोड़ा जाता है। जर्जर तारों के कारण पिछले दो दिन से गांव में बिजली सप्लाई बाधित है। इससे गांव अंधेरे में डूबा है और रबी फसल की सिंचाई प्रभावित हो रही है, पशुओं को पानी पिलाने और सिंचाई का काम भी अटक गया है। इस मामले में जेई दिलीप कुमार ने बताया कि स्टोर में सामग्री की कमी के कारण कार्य लंबित है। रविवार होने की वजह से भी काम नहीं हो सका। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक-दो दिन में समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने विभाग की लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी व्याप्त है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई, तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों में अमर उपाध्याय, नीरज उपाध्याय, राकेश पांडे, अनु उपाध्याय, अभिषेक उपाध्याय, राजकुमार पाल, दीपक यादव, चंद्रजीत पाल, राजीव पाल, सतीराम पाल, केसई विश्वकर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।



