Azamgarh news :विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) व थाना ए.एच.टी. आजमगढ़ की मासिक समीक्षा एवं समन्वय गोष्ठी व एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) व थाना ए.एच.टी. आजमगढ़ की मासिक समीक्षा एवं समन्वय गोष्ठी व एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
आज दिनांक 13.12.2025 को समय 13.00 बजे जनपद आजमगढ़ के पुलिस लाईन स्थित सभागार में श्रीमान् वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में, श्रीमान् अपर पुलिस अधीक्षक, यातायात/नोडल अधिकारी थाना ए.एच.टी./एस.जे.पी.यू. महोदय के पर्यवेक्षण में व श्रीमान् क्षेत्राधिकारी सदर महोदया की अध्यक्षता में विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) व थाना ए.एच.टी. (मानव तस्करी रोधी/एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) की मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक तथा कानून के उल्लंघन करने वाले बच्चों के प्रति विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) एवं बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों (CWPOs) के कार्य व दायित्वों के प्रभावी क्रियान्वयन के सम्बन्ध में एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न हुई । बैठक में जनपद के निम्न पदाधिकारीगण तथा स्वयं सेवी/ NGO के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए- डा0 महेन्द्र कुमार उप मुख्य चिकित्साधिकारी, श्री रवि प्रताप सिंह किशोर न्याय बोर्ड सदस्य, श्री अशोक कुमार (प्रधान सहायक)बेसिक शिक्षा विभाग, श्री रजनीश श्रीवास्तव अध्यक्ष सीडब्लूसी, श्री संजय शाही चाइल्ड हेल्प लाइन, श्री शैलेन्द्र कुमार जन विकास संस्थान, आली संस्थान से सोनी यादव व सपना आदि NGO, आर.पी.एफ., जी0आर0पी0, DCRB व जनपद के समस्त थानों के बाल कल्याण अधिकारीगण तथा SJPU/ थाना ए.एच.टी. के प्रभारी निरीक्षक अभयराज मिश्रा मय कर्मचारीगण ।
बैठक में महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उ0प्र0 लखनऊ के निर्देशानुसार बाल अधिकारों, महिला सुरक्षा, तथा किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act, 2015) से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई । बैठक में थानों पर नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारी/विवेचक द्वारा कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए । किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 24 के अन्तर्गत किसी भी किशोर द्वारा किए गए अपराध को भुला दिए जाने के प्रावधान के बारे में, अभियुक्त/पीड़िता का उम्र निर्धारण करने, चिकित्सीय परीक्षण में यदि पीड़िता की उम्र 12 वर्ष से कम है तो माता-पिता की सहमति लेने जबकि 12 वर्ष से ऊपर हो तो पीड़िता की सहमति लेने, थाने पर कोई नाबालिग के आने पर थाने के बाल कल्याण अधिकारीगण द्वारा आवश्यक कार्यवाही करने, पोक्सो एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत/बढ़ोत्तरी अभियोग की सूचना 24 घंटे के भीतर बाल कल्याण समिति (CWC) को देने, सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पूर्व किसी भी महिला/पीड़िता को थाने पर न रखते हुए वन स्टॉप सेन्टर में रखने, किसी भी बच्चे को पुलिस थाने के लॉकअप में न रखते हुए उसे तुरंत विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) या बाल कल्याण अधिकारी को सुपुर्द करने, नाबालिग पीड़ित/पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण सादे वस्त्रों में कराये जाने, पोक्सो एवं जुवेनाइल मामलों से संबंधित प्रेस विज्ञप्ति जारी करते समय पीड़िता/बाल अपचारी की पहचान गोपनीय रखे जाने के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा करते हुए श्रीमान् क्षेत्राधिकारी सदर महोदया द्वारा आवश्यक आदेश-निर्देश दिये गये ।

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