आजमगढ़, बलिया और मऊ में 7.27 लाख पंजीकृत श्रमिक

आजमगढ़ मंडल के 3.7 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों का नवीनीकरण लंबित

मंडल में 4 वर्ष से नवीनीकरण न कराने वाले श्रमिकों पर गिरेगी गाज

 

 

आजमगढ़ 16 दिसम्बर:- उप श्रमायुक्त राजीव कुमार सिंह ने बताया है कि उ0प्र0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत 18 से 60 की आयु वर्ग के निर्माण श्रमिकों द्वारा जनसेवा केन्द्र अथवा ओपन पोर्टल के (upbocw.in) माध्यम से बोर्ड के अन्तर्गत पंजीयन की कार्यवाही की जाती है। जिससे उन्हे बोर्ड द्वारा शर्तानुसार संचालित विभिन्न योजनाओं में लाभ प्रदान किये जाने की कार्यवाही की जाती है। पंजीकृत निर्माण श्रमिक द्वारा प्रत्येक वर्ष निर्माण कार्य से संलग्न होने की दशा में अद्यतन रूप से नवीनीकरण का कार्य भी कराया जाता है। जिससे की सम्बन्धित श्रमिक अद्यतन रूप से बोर्ड का सदस्य बना रहें और बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं का नियमित रूप से लाभ प्राप्त कर सकें। आजमगढ क्षेत्रान्तर्गत आजमगढ़/ बलिया/मऊ में कुल पंजीकृत निर्माण श्रमिको की सख्या 727224 ( सात लाख सत्ताईस दो सौ चौबीस ) है जबकि नवीनीकृत निर्माण श्रमिकोें की कुल संख्या-352782 ( तीन लाख बावन हजार सात सौ बयासी ) है। इस क्रम में सचिव बोर्ड के पत्र संख्या-ा/374205/2025 दिनांक 10.12.2025 के क्रम में नवीनीकरण हेतु निर्माण श्रमिकों को जागरूक करने हेतु निर्देश दिये गये है। जिसके अन्तर्गत व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुये प्रिन्ट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया व अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को जागरूक किया जाना है। यह भी उल्लिखित है कि 31 दिसम्बर, 2025 के उपरान्त ऐसे सभी निर्माण श्रमिक, जिन्होने 04 वर्षाे या उससे अधिक समय से नवीनीकरण नही कराया गया है, उन्हे 31.12.2025 के उपरान्त निष्क्रिय सूची में सम्मिलित कर दिया जाये। निष्क्रिय सूची के श्रमिको की गणना पंजीकृत निर्माण श्रमिको में नही की जाऐगी।अतः उ0प्र0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत मण्डल (आजमगढ/बलिया /मऊ) के ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिकों जिनके द्वारा अपना नवीनीकरण नही कराया गया है। को सूचित किया जाता है कि, नजदीकी जनसेवा केन्द्र/ओपन पोर्टल (upbocw.in) के माध्यम से दिनांक 31, दिसम्बर 2025 तक अपना नवीनीकरण व अंशदान जमा करा दे अन्यथा की दशा में उनका पंजीयन बोर्ड द्वारा निष्क्रिय सूची में डाल दिया जायेगा। जिससें बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं मेें उनके द्वारा आवेदन हितलाभ प्राप्त करने की कार्यवाही सम्पादित नही की जा सकेगी।

 

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