Deoria news, बरहज सुकरौली के बेटे अतुल मिश्र ने , अंतरिक्ष शोध में रचा नया अध्याय
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सुकरौली बरहज के बेटे अतुल मिश्रा ने अंतरिक्ष शोध में रचा नया अध्याय।
देवरिया।
सुकरौली निवासी बलराम मिश्र के सुपुत्र अतुल मिश्र द्वारा लिखे
“अंतरिक्ष अनुसंधान की वैचारिक पृष्ठभूमि और बदलता वैज्ञानिक परिदृश्य”
विषय पर शोध-पत्र को इसरो ने स्वीकार किया है , जिसे 5–6 फरवरी को बेंगलुरु में आयोजित वैज्ञानिक सत्र में प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
नमस्कार फाउंडेशन के सचिव उत्कर्ष मिश्रा ने बताया कि मौजूदा समय में अतुल कुमार मिश्र गलगोटिया विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा के एमबीए अंतिम वर्ष के विद्यार्थी हैं ।देश के एमबीए विद्यार्थी होते हुए इसरो ने देश के एकमात्र ऐसे किसी विद्यार्थी के शोध पत्र स्वीकार किए हैं।
अतुल मिश्रा ने बताया कि इस शोध पत्र में “अंतरिक्ष अनुसंधान की वैचारिक पृष्ठभूमि और बदलता वैज्ञानिक परिदृश्य विषय ” पर शोधपत्र में अंतरिक्ष अनुसंधान की वैचारिक पृष्ठभूमि मानवीय जिज्ञासा, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैज्ञानिक प्रगति की इच्छा से प्रेरित है, जो पृथ्वी के बाहर जीवन, ब्रह्मांड के रहस्यों और तकनीकी आत्मनिर्भरता की खोज पर केंद्रित है, और यह एक ऐसे वैज्ञानिक परिदृश्य में विकसित हुआ है जहाँ निजी क्षेत्र, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग (जैसे नासा-इसरो), और पृथ्वी-केंद्रित अनुप्रयोग (जैसे जलवायु अध्ययन) जैसे ‘आर्यभट्ट’ से ‘चंद्रयान-3’ और ‘आदित्य-एल1’ के मिशनों के माध्यम से, जीवन और भौतिक विज्ञानों में सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण और विकिरण के प्रभावों को समझने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे पृथ्वी पर जीवन और प्रौद्योगिकी में क्रांति आ रही है।ऐसे विषयों पर विस्तारपूर्वक लिखा हैं।
इस सफलता का श्रेय उन्होंने अपने बाबा रत्नेश मिश्र, परिवार और शिक्षकों को दिया है।इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर उनके ग्रामवासी और नमस्कार फाउंडेशन के सदस्यो ने शुभकामनाएं प्रेषित किया हैं।



