Azamgarh news:जहानागंज की शिक्षिका बृजबाला श्रीवास्तव ने रचा इतिहास, दूसरी बार ‘द मैजिक बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड 2025’ से हुईं सम्मानित
Jahanganj teacher Brijbalala Srivastava created history, being honored with 'The Magic Book of World Records 2025' for the second time.

जहानागंज (आजमगढ़)। स्थानीय विकासखंड जहानागंज के प्राथमिक विद्यालय भीखमपुर में तैनात सहायक अध्यापिका बृजबाला श्रीवास्तव ने एक बार फिर क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। छत्तीसगढ़ के रायपुर में बिलासा साहित्य शिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित तृतीय दीक्षांत समारोह के अवसर पर उन्हें उनके साहित्यिक सृजन “प्रणत छंद” पर आधारित उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘द मैजिक बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड 2025’ से सम्मानित किया गया।गौरतलब है कि बृजबाला श्रीवास्तव को यह प्रतिष्ठित सम्मान दूसरी बार प्राप्त हुआ है, जो उनकी सतत साहित्यिक साधना, नवाचार और रचनात्मकता का प्रमाण है। वहीं, श्यामलता श्रीवास्तव को भी दूसरी बार ‘द मैजिक बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ से सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और बढ़ गई।इस भव्य कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अरुण निगम (दुर्ग, छत्तीसगढ़) रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार पी.सी. लाल यादव ने की। मंच पर डॉ. माधुरी डड़सेना (अध्यक्ष, महालय), ओंकार साहू (सचिव, मुदिता), डॉ. सुधीर शर्मा सहित अनेक गणमान्य साहित्यकार व शिक्षाविद् उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने बृजबाला श्रीवास्तव के साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित होने की खबर जैसे ही जहानागंज पहुंची, ब्लॉक के शिक्षकों एवं शिक्षा जगत में खुशी की लहर दौड़ गई। शिक्षकों, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने बृजबाला श्रीवास्तव को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्होंने अन्य राज्य में जाकर अपने ब्लॉक, जनपद और उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है।ब्लॉक के शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि बृजबाला श्रीवास्तव की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है और यह सिद्ध करती है कि ग्रामीण अंचल में कार्यरत शिक्षक भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं।



