Azamgarh news :रिक्रूट महिला अरक्षियों के प्रशिक्षण में विशेष विधिक एवं व्यवहारिक मार्गदर्शन कार्यक्रम का हुआ आयोजन
रिक्रूट महिला अरक्षियों के प्रशिक्षण में विशेष विधिक एवं व्यवहारिक मार्गदर्शन कार्यक्रम का हुआ आयोजन

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
पुलिस लाइन, जनपद आजमगढ़ में प्रचलित 596 रिक्रूट महिला आरक्षियों के आधारभूत प्रशिक्षण के दौरान एक विशेष विधिक एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में श्री सत्यवीर सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जनपद आजमगढ़ द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिला रिक्रूट आरक्षियों को महिला अपराधों से संबंधित कानून, न्यायिक प्रक्रिया एवं पुलिस की भूमिका के संबंध में विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महोदय द्वारा विशेष रूप से इस बात पर बल दिया गया कि किसी भी पीड़िता के थाने आने पर उसके साथ संवेदनशील, सम्मानजनक एवं सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार किया जाना पुलिस का प्रथम एवं अनिवार्य कर्तव्य है। पीड़िता का विश्वास अर्जित करना न्यायिक प्रक्रिया की सफलता की आधारशिला है।
कोर्ट मुहर्रिर एवं कोर्ट पैरोकार के कर्तव्यों पर विशेष प्रकाश डालते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महोदय ने बताया कि समयबद्ध केस डायरी, अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण, साक्ष्यों का न्यायालय में समुचित प्रस्तुतीकरण, गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित कराना तथा न्यायालय व पुलिस के बीच सतत समन्वय स्थापित करना कोर्ट मुहर्रिर एवं पैरोकार की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पुलिस एवं न्यायालय के बीच त्वरित, प्रभावी एवं समन्वित कार्यवाही से विवेचनात्मक कमियों को दूर किया जा सकता है, जिससे साक्ष्य मजबूत होते हैं और अपराधियों को शीघ्र एवं सुनिश्चित सजा दिलाना संभव हो पाता है। ऑपरेशन कन्विक्शन न्यायिक परिणामों को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी माध्यम है। साथ ही उन्होंने बलात्कार व महिला लैंगिक उत्पीड़न, बहला-फुसलाकर भगाई गई व बरामद पीड़िता के साथ मानवीय व्यवहार, उनके बयान दर्ज करने की विधिक प्रक्रिया तथा नारी सशक्तिकरण के महत्व पर भी विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया।
उक्त कार्यक्रम के दौरान माह दिसम्बर 2025 में आयोजित अन्तः विषय (इनडोर) परीक्षा के घोषित परिणाम के अंतर्गत टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाली 42 महिला रिक्रूट आरक्षियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महोदय एवं श्री शुभम तोदी, क्षेत्राधिकारी लाइन/नगर द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम से महिला रिक्रूट आरक्षियों में विधिक जागरूकता, न्यायिक प्रक्रिया की स्पष्ट समझ, कोर्ट मुहर्रिर व कोर्ट पैरोकार के दायित्वों के प्रति सजगता तथा ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत प्रभावी, संवेदनशील एवं परिणामोन्मुख पुलिसिंग की भावना विकसित हुई। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण एवं न्याय-सम्मत पुलिस कार्यप्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।



