Azamgarh News: मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेला में लापरवाही पर सख्त रुख, अनुपस्थित चिकित्सक से तलब स्पष्टीकरण

आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय
आजमगढ़।
शासन के निर्देशानुसार रविवार को जनपद के समस्त प्राथमिक एवं नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकीय उपस्थिति एवं व्यवस्थाओं का स्थलीय आकलन किया।
जनपद में कुल 77 मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले आयोजित किए गए, जिनमें 91 चिकित्सक एवं 316 पैरामेडिकल कर्मियों की सहभागिता रही। मेले के दौरान 1968 मरीजों का पंजीकरण किया गया, जिन्हें विभिन्न रोगों से संबंधित निःशुल्क परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। वहीं 10 गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए संदर्भित किया गया।
निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि सठियाँव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात महिला चिकित्सक डॉ. शबाना की मेला दिवस पर ड्यूटी बड़हलगंज (जहानागंज स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में निर्धारित थी, लेकिन वे निरीक्षण के समय न तो बड़हलगंज और न ही सठियाँव केंद्र पर उपस्थित पाई गईं। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा संबंधित चिकित्सक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
इसी प्रकार सठियाँव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति भी अपेक्षित संख्या से कम पाई गई। इस पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने केंद्र के अधीक्षक से स्थिति की जानकारी मांगते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेला शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही कदापि स्वीकार नहीं की जाएगी। संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने की स्थिति में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कुछ केंद्रों पर साफ-सफाई एवं शीतलहर से बचाव की व्यवस्थाओं में भी कमी पाई गई, जिस पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। मरीजों के लिए कंबल, वार्डों एवं लेबर रूम में हीटर, तथा अस्पताल परिसरों एवं रैन बसेरों में अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए गए।
अंत में सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेला के दौरान जनसामान्य को निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।



