रबी फसलों के लिए कृषि विभाग की सलाह जारी-गेहूं, जौ, आलू व सरसों पर विशेष ध्यान

आलू की फसल में झुलसा रोग से बचाव हेतु दवा छिड़काव की सलाह

आजमगढ़ 05 जनवरी– जनपद के प्रिय किसान भाईयों को सूचित किया जाता है कि वर्तमान समय में रबी फसलों यथा गेहॅू, जौ, आलू, एवं सरसों आदि की खेती की जा रही है। उक्त हेतु फसलवार सुझाव एवं संस्तुतियां निम्नलिखित है। गेहॅू की बुआई के उपरान्त क्रमशः 06 सिंचाई किया जाता है, जिसमें प्रथम सिंचाई 20-25 दिन (ताजा मूल अवस्था), द्वितीय सिंचाई 40-45 दिन (कल्ले निकलते समय), तृतीय सिंचाई 60-65 दिन (गांठे बनते समय), चतुर्थ सिंचाई 80-55 दिन (पुष्पा अवस्था), पंचम सिंचाई 100-105 दिन (दुग्धावस्था में) एवं छठी सिंचाई 115-120 दिन (दाना भरते समय) किया जायेगा। सीमित सिंचाई साधन की दशा में गेहॅू की सिंचाईः-यदि 03 सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो तो ताजा मूल अवस्था बाली निकलने के पूर्व तथा दुग्धावस्था पर करें। यदि 02 सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो तो ताजा मूल अवस्था तथा पुष्पावस्था में करना चाहिए।गेहॅू में प्रमुख खरपतवार सकरी पत्तीः-गेहुसा एवं जंगली जई, चौड़ीपत्ती-बथुआ, सेन्जी, कृष्णनील, हिरनखुरी, चटरी-मटरी, अकरा-अकरी, जंगली गाजर, प्याजी, सत्यानाशी आदि।सकरी पत्ती के नियन्त्रण का उपायः-गेहॅू की फसल में सकरी पत्ती वाले खरपतवार के नियन्त्रण हेतु रसायनिक विधि सल्फोसल्फ्यूरोन 75 प्रतिशत डब्ल्यूजी की 33 ग्राम (2.5 युनिट) मात्रा प्रति हेक्टेयर अथवा क्लोडिनाफॉप प्रोपारजिल 15 प्रतिशत डब्ल्यूपी की 400 ग्राम मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से 300 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने से खरपतवारों का नियन्त्रण किया जा सकता है।चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार के नियन्त्रण का उपायः- गेहॅू की फसल में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार के नियन्त्रण हेतु रसायनिक विधि 2-4 डी0 सोडियम साल्ट 80 प्रतिशत डब्ल्यूजी की 625 ग्राम मात्रा प्रति हेक्टेयर अथवा 2-4 डी0 मिथाईल इमाईन साल्ट 58 प्रतिशत एसएल की 1.25 लीटर मात्रा प्रति हेक्टेयर अथवा कॉरपेन्ट्राजोन इथाईल 40 प्रतिशत डीएफ की 50 ग्राम की प्रति हेक्टेयर, अथवा मेटसल्फ्यूरोन मिथाईल 20 प्रतिशत डब्ल्यूपी की 20 ग्राम मात्रा प्रति हेक्टेयर 500-600 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने से चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों का नियन्त्रण किया जा सकता है।जौ की फसल में प्रमुख खरपतवार सकरी पत्तीः-गेंहुसा एवं जंगली जई, चौड़ीपत्ती-बथुआ, सेन्जी, कृष्णनील, हिरनखुरी, चटरी-मटरी, अकरा-अकरी, जंगली गाजर, प्याजी, सत्यानाशी आदि। सकरी पत्ती एवं चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार के नियन्त्रण का उपायः-जौ की फसल में सकरी पत्ती एवं चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार के नियन्त्रण हेतु रसायनिक विधि सल्फोसल्फ्यूरोन 75 प्रतिशत डब्ल्यूजी की 33 ग्राम (2.5 युनिट) मात्रा प्रति हेक्टेयर एवं मेट्रीबुजीन 70 प्रतिशत डब्ल्यूपी की 250 ग्राम की मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से 500-600 लीटर पानी में घोलकर बनाकर छिड़काव करने से खरपतवारों का नियन्त्रण किया जा सकता है।आलू में झुलसा रोग के उपायः-आलू की फसल में झुलसा रोग के प्रभाव को नियन्त्रण हेतु कापरआक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी अथवा मैन्कोजेब 75 प्रतिशत डब्ल्यूपी की 2.00 किग्रा की मात्रा 500-600 लीटर पानी के साथ घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। सरसों की फसल मे कीट नियन्त्रण- इस समय सरसों की फसल में मांहू कीट का प्रभाव हो सकता है क्योंकि वातावरण में अर्द्रता एवं आसमान में बादल छाया होना इस कीट के लिये अनुकूल वातावरण होता है। इस कीट के शिशु एवं प्रौढ़ कोमल तने, पत्तीयों एवं दुग्धावस्था के फलियों से रस चुससे है एवं साथ ही साथ मधुश्राव करते है, जिससे फफॅूद का भी आक्रमण करते है। इससे बचाव के लिये प्रारम्भिक अवस्था में कीट ग्रस्त पौधों को सावधानी पूर्वक निकाल कर नष्ट कर देना चाहिए। ज्यादा संख्या में प्रभावित पौधे होने पर अजाडेक्ट्रीन 15 प्रतिशत ईसी की 2.5 लीटर अथवा क्लोरोपायरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी 1.5 लीटर अथवा इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल की 200.250 एमएल मात्रा 600-700 लीटर पानी के साथ घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।प्रिय किसान भाई वर्तमान समय में बोई गई फसलों में एवं आगामी सीजन में बोई जाने वाली फसलों में कीट/रोग एवं खरपतवार की समस्या के निदान हेतुु कृषि विभाग में पंजीकरण नम्बर अथवा अपना नाम, ग्राम का नाम, विकास खण्ड एवं जनपद का नाम लिखतें हुये की समस्या के निदान एवं सुझाव हेतु सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली मोबाईल नम्बर-9452247111 एवं 9452257111 पर एसएमएस/व्हाट्सअप भेजकर समस्या का समाधान 48 घण्डे में अपने मोबाईल पर एसएमएस के माध्यम से प्राप्त कर सकेगें।जनपद के समस्त कृषि रक्षा इकाईयों कृषि रक्षा रसायन 50 प्रतिशत /बायोपेस्टीसाइड्स 75 प्रतिशत अनुदान पर आवश्यक मात्रा में उपलब्ध है, जो सम्बन्धित विकास खण्ड के प्रभारी कृषि रक्षा इकाई से सम्पर्क स्थापित करके प्राप्त किया जा सकता है।प्रिय किसान भाई विशेष जानकारी हेतु कृषि विभाग/कृषि रक्षा अनुभाग के विकास खण्ड स्तर पर तैनात क्षेत्रीय कार्मिक वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-बी (कृ0र0/कृषि) से व्यक्तिगत सम्पर्क करके अथवा विशेष परिस्थितियों में जनपद स्तर इस कार्यालय में तैनात श्री मनीष कुमार दुबे, प्रभारी कृषि रक्षा केन्द्र (बीजीआई) आजमगढ़ के मोबाईल नम्बर-9415394321 पर अथवा श्री हरिनाथ शर्मा, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए के मोबाईल नम्बर-6388226627 या जिला कृषि रक्षा अधिकारी के मोबाईल नम्बर-80290100968 पर सम्पर्क करके प्राप्त किया जा सकता है।

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