Azamgarh News: आजमगढ़ में कानून का शिकंजा: अखण्ड प्रताप सिंह को कोर्ट की अवहेलना करने पर 3 साल का कारावास

आजमगढ़ में चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के अंतर्गत पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी तथा अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप प्रदेश स्तर के माफिया अखण्ड प्रताप सिंह को माननीय न्यायालय द्वारा दोषी करार दिया गया है।
माननीय न्यायालय एफटीसी (एसडी) आजमगढ़ ने अभियुक्त अखण्ड प्रताप सिंह को तीन वर्ष के साधारण कारावास एवं पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला दिनांक 07 जनवरी 2026 को सुनाया गया।
उक्त मामला थाना तरवां में पंजीकृत था। अभियुक्त अखण्ड प्रताप सिंह पुत्र स्वर्गीय साहब सिंह, निवासी ग्राम जमुआ, थाना तरवां, जनपद आजमगढ़ पर माननीय न्यायालय के आदेशों की अवहेलना का आरोप था। अभियुक्त के विरुद्ध दिनांक 19 सितंबर 2019 को उपनिरीक्षक नवल किशोर सिंह द्वारा लिखित तहरीर दी गई थी, जिसमें बताया गया था कि न्यायालय द्वारा धारा 82 दंड प्रक्रिया संहिता का आदेश जारी होने के बावजूद अभियुक्त न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ।
इस संबंध में थाना तरवां पर मु0अ0सं0 113/2019, धारा 174A एवं 229A भादवि के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मुकदमे के दौरान कुल 11 गवाहों का परीक्षण किया गया।
सभी साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषसिद्ध पाया और सजा सुनाई। पुलिस प्रशासन ने इस निर्णय को कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।



