आजमगढ़:बुजुर्ग ने अपने ही भाई-भतीजों पर संपत्ति हड़पने और जान से मारने की धमकी का लगाया आरोप

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आजमगढ़ जनपद के जीयनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम व पोस्ट जमीन मुहम्मदपुर निवासी रामसरन यादव ने अपने ही परिवार के सदस्यों पर संपत्ति हड़पने, जानलेवा हमले और हत्या की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित रामसरन यादव का कहना है कि वे और उनके छोटे भाई रामवृक्ष यादव अपने पिता स्वर्गीय सतई यादव की संपत्ति के आधे-आधे हिस्सेदार हैं। आरोप है कि छोटे भाई रामवृक्ष यादव ने किसान सम्मान निधि दिलाने के बहाने बुजुर्ग पिता को बहला-फुसलाकर रजिस्ट्री कार्यालय ले जाकर अपनी पत्नी सरस्वती देवी के नाम हिब्बा नामा करा लिया। उस समय पिता की उम्र 60 वर्ष से अधिक थी और वे शारीरिक व मानसिक रूप से अस्वस्थ थे।
रामसरन यादव को इस धोखाधड़ी की जानकारी तब हुई जब उन्होंने पिता के अंगूठे पर स्याही देखी। तहसील व रजिस्ट्री विभाग में जांच करने पर हिब्बा नामा की सच्चाई सामने आई। इसके बाद पीड़ित ने तहसील में आपत्ति दर्ज कराई और दीवानी मुकदमा भी दायर किया, जो अभी न्यायालय में विचाराधीन है।
पीड़ित ने अपने पिता की संदिग्ध मौत को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 11 दिसंबर 2022 को पिता अपने कमरे में सो रहे थे, जहां कथित तौर पर उनकी पत्नी सरस्वती देवी और भाई रामवृक्ष यादव ने उन्हें खाने में जहर या नशीला पदार्थ देकर मार दिया। इस मामले में थाना जीयनपुर में तहरीर दी गई और पोस्टमार्टम भी कराया गया, लेकिन आज तक न तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली और न ही पंचनामा की प्रति उपलब्ध कराई गई।
रामसरन यादव का आरोप है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। वे अकेले रहते हैं, उनकी पत्नी का निधन हो चुका है और उनकी दो बेटियां ससुराल में रहती हैं। उनका कहना है कि भाई का पूरा परिवार—जिसमें हरेन्द्र, नरेन्द्र और भूपेन्द्र यादव शामिल हैं—उन्हें डराने-धमकाने में लगा है। दो माह पूर्व भाई की पत्नी ने धारदार हथियार लेकर जानलेवा हमला करने की कोशिश की, जिससे जान बचाकर वे थाने पहुंचे।
पीड़ित का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस केवल धारा 151 (शांति भंग) में चालान कर औपचारिक कार्रवाई कर देती है, जिससे उन्हें स्थायी सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने आशंका जताई है कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उनके भाई रामवृक्ष यादव और उसके परिवार की होगी।
पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर पारिवारिक विवाद और लगाए गए आरोपों पर क्या कदम उठाता है।

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