Azamgarh news:सीएचसी परिसर में तीमारदार और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच हंगामा,दवा और मिठाई के नाम पर 5000 लेने का स्वास्थ्य कर्मियों पर आरोप
A commotion broke out between the attendant and health workers on the CHC premises; health workers were accused of taking Rs 5,000 in the name of medicine and sweets.

अहरौला/आजमगढ़। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार दोपहर में उस समय अफरा-तफरी मच गयी जब प्रसव करवाने आए एक मरीज के तीमारदार और स्वास्थ्य विभाग के कर्मीयों के बीच विवाद होने लगा आरोप था कि प्रसव कराने के नाम पर बाहर से दवा के लिए दो हजार और प्रसव होने के बाद तीन हजार मिठाई के नाम पर लिया गया जिससे दोपहर में स्वास्थ्य कर्मी और तीमारदारों के बीच सीएचसी परिसर में ही जमकर हंगामा हो गया जिसे सैकड़ो की भीड़ जमा हो गई बताते चलें शुक्रवार रात में छतौना गांव निवासी राजन विश्वकर्मा और उनके परिजनों के द्वारा सीएचसी में प्रसव पीड़िता गुड्डी देवी को भर्ती कराया गया राजन विश्वकर्मा का आरोप है की रात में हमारी पत्नी गुड्डी को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी मे भर्ती कराया गया भर्ती करने के बाद ₹2000 दवा के नाम पर लिया गया और सीएचसी परिसर से ही एक व्यक्ति जो अपनी बुलेट पर बैठाकर चांदनी चौक पर अपने निजी क्लीनिक मेडिकल हाल पर ले गए और वहां से दवाई लेकर आए हमें कोई पर्ची नही दि गयी इसके बाद प्रसव तो कराया गया और शनिवार को मिठाई के नाम पर ₹3000 पुनः मांगा गया जिसे हम लोगों ने किसी तरह से इधर-उधर से मांग जांच कर वह भी पूरा किया 18 घंटे में दवा और मिठाई के नाम पांच हजार लिए गए जैसे ही यह आरोप मरीज के परिजनों ने सार्वजनिक किया तो स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा दबाव बनाने लगे कि पैसा लेने की बात लोगों के बीच में क्यों बोल रहें है इसके बाद मरीज के तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच अस्पताल परिसर में ही जमकर हंगामा और कहां सुनी हुई और प्रसव पीड़िता के पति राजन विश्वकर्मा ने खुलेआम 2000 दवा के नाम पर और 3000 मिठाई के नाम पर बसूलने का स्वास्थ्य कर्मिय के पर आरोप लगाया तमाम लोग दवे जुबान या भी कह रहे थे कि इस तरह रोज आने वाले मरीजों के साथ जो पर्सव के लिए भर्ती कराए जाते हैं उनके साथ इसी तरह से शोषण किया जाता है और जो भी सुविधा भर्ती होने के बाद दवा, भोजन नाश्ता, मिलना चाहिए वह भी नहीं मिलती है कई बार इस तरह के आरोप लगाते भी रहे हैं और जांच भी होती रही लेकिन मामला जांच तक ही सीमित रह जाता है।इस संबंध में पूछे जाने पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. मोहनलाल ने बताया कि हमारे संज्ञान में भी इस तरह का मामला आया है हालांकि अभी इस तरह की कोई शिकायत परिजनों के द्वारा नहीं की गई है फिर हाल परिसर में कहा सुनी हंगामा देखने को मिला है लिहाजा जो भी प्रसव कक्ष मे ड्यूटी में थे उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और टीम बनाकर जांच भी कराई जाएगी।



