Azamgarh news :फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर रिश्तेदार बनकर इमरजेंसी बता कर ठगी करने वाले तीन एंड्रॉयड फोन के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर रिश्तेदार बनकर इमरजेंसी बता कर ठगी करने वाले तीन एंड्रॉयड फोन के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद आज़मगढ़ डॉ0 अनिल कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात श्री विवेक त्रिपाठी के कुशल पर्यवेक्षण में तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम श्रीमती आस्था जायसवाल के मार्गदर्शन में थाना साइबर क्राइम, आज़मगढ़ की टीम को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है।
दिनांक 11.01.2026 को शिकायतकर्ता मो0 इसतिखार, निवासी – बीहटा, पटना (बिहार) द्वारा NCRP पोर्टल पर शिकायत संख्या 30501260000013 दर्ज कराई गई थी। जिसके क्रम में प्राप्त संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के क्रम में थाना साइबर क्राइम पर मु0अ0सं0- 04/2026, धारा 318(4), 319(2), 111(4) बीएनएस व 66D आईटी एक्ट, दिनांक 11.01.2026 पंजीकृत किया गया।
विवेचना के दौरान प्रभारी निरीक्षक देवेन्द्र प्रताप सिंह मय साइबर थाना टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण एवं मोबाइल लोकेशन के आधार पर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्तों के भाई एवं मामा, जो कि बाहर रहते हैं, के द्वारा फेसबुक पर विभिन्न व्यक्तियों की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर उनके रिश्तेदारों व परिचितों से इमरजेंसी का बहाना बनाकर साइबर फ्रॉड कर अभियुक्तों के विभिन्न बैंक खातों में धनराशि मंगाई जाती थी।
अभियुक्त अपने भाई आग़ाज़ एवं मामा अज़ीज़ुल अहमद के कहने पर फोन-पे, पेटीएम व गूगल पे के स्कैनर आदी माध्याम से अपने बैंक खातों में साइबर फ्राड के पैसे मगाये जाते थे।
अभियुक्तों द्वारा साइबर फ्रॉड के लिए विभिन्न बैंको में खाते खुलवाए गए थे। धनराशि खाते में आते ही अभियुक्त एटीएम के माध्यम से पूरी रकम निकाल कर पैसे आपस में बांट लेते थे।
फेसबुक पर किसी व्यक्ति की फर्जी फेसबुक आईडी बनाई जाती थी।
फर्जी आईडी के माध्यम से उसके परिचित या रिश्तेदार बनकर संपर्क किया जाता था।
इमरजेंसी का बहाना बनाकर धनराशि की मांग की जाती थी।
प्राप्त धनराशि विभिन्न बैंकों के खातों में मंगाकर एटीएम के माध्यम से निकाली जाती थी।
अभियुक्तों का भाई व मामा बाहर रहकर फर्जी आईडी संचालित करते थे तथा गिरफ्तार अभियुक्त धनराशि की निकासी करते थे।



