Azamgarh News: मुकेश राय को प्रबंधक बनाए जाने पर रोक से भड़का अशासकीय प्रबंधक संगठन, आंदोलन की चेतावनी

आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय
आजमगढ़ जनपद के गांधी इंटर कॉलेज मलटारी में प्रबंधक पद को लेकर चल रहा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। विद्यालय के वर्तमान प्रबंधक एवं मुख्य मैनेजिंग ट्रस्टी कमला राय द्वारा शारीरिक अस्वस्थता के कारण स्वस्थ होने तक अपने पुत्र मुकेश राय को विद्यालय के समस्त प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों के लिए प्रबंधन के रूप में नामित किए जाने का मामला अब प्रशासनिक स्तर पर उलझता दिखाई दे रहा है।
प्रकरण की जांच संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ के आदेश पर सह जिला विद्यालय निरीक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह द्वारा बिंदुवार की गई, जिसमें सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद रिपोर्ट संयुक्त शिक्षा निदेशक, आजमगढ़ मंडल को सौंप दी गई। बताया गया कि हाईकोर्ट के एक आदेश के अनुपालन में प्रबंधक कमला राय के हस्ताक्षर भी संयुक्त शिक्षा निदेशक के समक्ष कराए गए और मुकेश राय के हस्ताक्षर को ही मान्य (सीन) किया गया।
इसके बावजूद मुकेश राय का आरोप है कि सारी रिपोर्ट उनके पक्ष में होने के बाद भी संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वारा उन्हें प्रबंधकीय पद पर आसीन होने से रोक दिया गया है। इस निर्णय से अशासकीय प्रबंधक संगठन में गहरा आक्रोश व्याप्त है।मामले को लेकर अशासकीय प्रबंधक संगठन के पदाधिकारी संयुक्त शिक्षा निदेशक से मिलने सोमवार को कार्यालय पहुंचे, ताकि अपना पक्ष रखकर शीघ्र निर्णय की मांग कर सकें, लेकिन अधिकारी के मौके पर मौजूद न मिलने से संगठन में नाराजगी और बढ़ गई।
इस अवसर पर संगठन के जिला अध्यक्ष बृजेश सिंह ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रबंधक के मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन प्रदेश भर के पदाधिकारियों को बुलाकर संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय आजमगढ़ परिसर में धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होगा। इस दौरान संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें
गजेंद्र सिंह (पूर्वांचल प्रभारी, अशासकीय प्रबंधक महासभा उत्तर प्रदेश),
बृजेश सिंह (जिला अध्यक्ष, अशासकीय प्रबंधक महासभा),
श्रवण राय (वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष),
प्रदीप सिंह (जिला कोषाध्यक्ष),
राजकुमार राय (जिला उपाध्यक्ष, प्रबंधक विक्रम इंटर कॉलेज मोहम्मदपुर)
सहित दर्जनों लोग शामिल रहे।
अब सभी की निगाहें संयुक्त शिक्षा निदेशक के निर्णय पर टिकी हैं, जबकि संगठन ने साफ कह दिया है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन तेज किया जाएगा।



