Azamgarh news :तीन अंतर्जनपदीय अपराधी तमंचा जिन्दा कारतूस तथा लूट के 787 ग्राम सफेद धातु के जेवरात व ₹5000 नगद के साथ गिरफ्तार
तीन अंतर्जनपदीय अपराधी तमंचा जिन्दा कारतूस तथा लूट के 787 ग्राम सफेद धातु के जेवरात व ₹5000 नगद के साथ गिरफ्तार

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
थाना पवई के व0उ0नि0 गोपाल जी, थाना पवई, जनपद आज़मगढ़ मय हमराह पुलिस बल के साथ क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चेकिंग में मामूर थे। इसी दौरान मुखबिर खास से सूचना प्राप्त हुई कि कुछ अभियुक्त लूट के जेवरात बेचने की फिराक में ग्राम इमली महुआ अंडरपास के पास मौजूद हैं। मुखबिर की सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम द्वारा समय करीब 01:30 बजे इमली महुआ अंडरपास के पास से निम्न अभियुक्तों 01. शहनवाज उर्फ शेरू पुत्र मो0 सईद, निवासी ग्राम गहजी (भकुही), थाना अहरौला, जनपद आज़मगढ़ 02. देवेन्द्र कुमार पुत्र स्व0 विजय बहादुर, निवासी विशुनपुर, थाना अहरौला, जनपद आज़मगढ़ 03. हृदय नारायण निषाद पुत्र सीताराम निषाद, निवासी लेदौरा (बलुहवा), थाना अहरौला, जनपद आज़मगढ़ को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में अभियुक्त अभियुक्त शहनवाज उर्फ शेरू के कब्जे से— एक अदद नाजायज देशी तमंचा .315 बोर, एक अदद जिन्दा कारतूस .315 बोर, सफेद धातु के जेवरात (करधनी – 02 थान) व ₹1500 नगद, अभियुक्त देवेन्द्र कुमार के कब्जे से— सफेद धातु के जेवरात (करधनी – 02 थान), ₹1500 नगद तथा अभियुक्त हृदय नारायण निषाद के कब्जे से— सफेद धातु के जेवरात (03 थान), एक जोड़ी पायल, हाथ पलानी व ₹2000 नगद बरामद किया गया। गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 10/2026, धारा 3/25 आर्म्स एक्ट एवं 317(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया। अन्य अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा पूछताछ में बताया गया कि उन्होंने फरवरी 2025 में थाना ललौली, जनपद फतेहपुर क्षेत्रान्तर्गत हरियापुर स्याही तालाब के पास एक व्यक्ति से मिलकर छीना-झपटी की थी, जिसमें लगभग 5–6 किलोग्राम सफेद धातु के जेवरात, करीब ₹50,000 नगद तथा कुछ पीली धातु के जेवरात लूटे गए थे। इस लूट की घटना में अभियुक्तों के साथ एक अन्य अभियुक्त— फहीम उर्फ मोटू उर्फ उजैफा पुत्र स्व0 इरशाद, निवासी ग्राम सजनी, थाना अहरौला, जनपद आज़मगढ़ (वर्तमान में जेल में निरुद्ध) भी शामिल था। अभियुक्तों ने बताया कि वे सभी अपने-अपने मोटरसाइकिल से घटना को अंजाम देकर फरार हो गए थे। शेष जेवरात व पैसा बेचकर खर्च कर दिया गया था, जबकि जो जेवरात व पैसा शेष बचा था, उसे बेचने के उद्देश्य से जा रहे थे कि पुलिस द्वारा पकड़ लिए गए।



