Jabalpur news:आदिवासी बच्चों को छात्रावास में रखकर जेईई, नीट एवं गेट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी 

प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने पत्रकारों को दी जानकारी, कहा- जबलपुर में संभाग स्तर पर की जा रही व्यवस्था

जबलपुर गुरुवार को जबलपुर प्रवास पर पहुंचे प्रदेश शासन के मंत्री विजय शाह ने यहां पत्रकारों से हुई अनौपचारिक चर्चा में बताया कि राज्य सरकार द्वारा आदिवासी बच्चों के शैक्षणिक उत्थान के लिए अनेक महत्वपूर्ण ‎निर्णय लिए गए हैं। श्री शाह ने बताया कि इसी के तहत जबलपुर में एक संभाग स्तरीय रिसर्च सेंटर आदिवासी बच्चों के लिए बनाया जाएगा जिसमें इन बच्चों को जेईई, आईआईटी व नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी कराई जाएगी। जिसके लिए जमीन देखी जा रही है। आगामी सत्र से ही इसे आरंभ कर दिया जाएगा। इसके अलावा सभी आदिवासी छात्रावासों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं जिसके तहत सीसीटीवी लगाए जाएंगे तो वहीं बाउंड्रीवाल का निर्माण भी सभी छात्रावासों में किया जाएगा। श्री शाह ने बताया कि आगामी दिनों में इन छात्रावासों में मार्गदर्शक की भी नियुक्ति की जाएगी जो माह में एक दिन छात्रावास में जाकर बच्चों के भोजन , पीने के पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी लेगा और इस संबंध में सीधे बच्चों से ही संपर्क कर उनकी अन्य कोई परेशानी यदि रहती है तो उसपर ध्यान देगा।

उन्होंने बताया कि जेईई, नीट एवं गेट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 200 आदिवासी छात्र-छात्राओं को छात्रावास में रहकर पढ़ाई कराई जाएगी। यह व्यवस्था जबलपुर संभाग स्तर पर की जाएगी, जिसमें विद्यार्थियों के आवास, भोजन, सुरक्षा एवं अन्य सभी आवश्यक सुविधाओं का संपूर्ण खर्च राज्य सरकार उठाएगी। मंत्री विजय शाह ने कहा कि सभी छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, गुणवत्तापूर्ण खानपान उपलब्ध कराया जाएगा तथा आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी बिना किसी चिंता के अध्ययन कर सकें।

श्री शाह ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 5 हजार छात्रावासों में नियमित अधीक्षक न होने के कारण शिक्षकों को चार्ज दिया गया है, लिहाजा आगामी तीन वर्ष में इन सभी छात्रावासों में नियमित अधीक्षकों की नियुक्ति कर दी जाएगी। अभी 15 सौ के लगभग अधीक्षकों की नियुक्ति की जा रही हैं बाकी आउटसोर्स से नियुक्त किए जाएंगे परंतु तीन वर्ष में नियमित नियुक्ति कर दी जाएगी। ये अधीक्षक चौबीस घंटे छात्रावासों में ही रहेंगे। इस हेतु क्वाटर्स का भी निर्माण किया जाएगा। हास्टलों में छोटी मोटी जरूरतों जैसे पंखा लाइट मरम्मत सहित सुरक्षा की छोटी जरूरतों के लिए एक लाख रुपये साल की अलग से व्यय राशि हर छात्रावास को दी जाएगी। इस दौरान श्री शाह ने यह भी जानकारी दी कि जबलपुर के माढोताल व कुंडम छात्रावासों की मरम्मत कराने के लिए शासन द्वारा प्रति छात्रावास 4.90 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। सरकार बच्चें की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने राज्य सरकार की उक्त सभी योजनाओं को आदिवासी समाज के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल बताया।

 

जबलपुर से वाजिद खान की रिपोर्ट

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