Deoria news, धर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कभी नरक नहीं जाता डॉक्टर श्री प्रकाश मिश्रा

धर्म के मार्ग पर चलने वाला मनुष्य नरक में नहीं जाता, डॉ श्रीप्रकाश
देवरिया।
बरहज:नंदना वार्ड पश्चिमी मे चल रही श्रीमद्भागवत ज्ञानयज्ञ के चौथे दिन नरकों का वर्णन करते हुए कथाव्यास डाक्टर श्रीप्रकाश मिश्र ने कहाकि कुसंगति में पडा हुआ मनुष्य को भी यदि सुसंगति मिल जाए और वह अपने कुकर्मो पर आत्मग्लानि हो जाए और प्रायश्चित के द्वारा अपने को अच्छे मार्ग पर लगा दे तो वह नरक में जाने से बचा जा सकता है । कथा को आगे बढाते हुए कहाकि अजामिल नाम का एक पवित्र व्यक्ति था हमेसा धर्म कर्म मे रत रहता था लेकिन एकदिन जंगल से समिधा लेते समय एक सराबी वेश्या के साथ कामक्रीड़ा करते हुए देखा वेश्या के सुंदर रुप को देखकर अजामिल का मन भ्रष्ट हो गया वह वेश्या के घर के जाकर धन का लालच देकर व्याहता पत्नी को मार कर भगा दिया और पापाचार करने लगा वेश्या से दस पुत्र उत्पन्न किया साधुओं के कहने पर दसवें पुत्र का नाम नारायण रखकर दिन रात उसी का नाम रटने लगा । उसके पापाचरण से आयु रहते भी जमदूत प्राण वायु को लेने आ गये वह रोज की भांति पुत्र नारायण को पुकारने लगा । उसी समय वैकुण्ठवासी नारायण के दूत आकर यम का फंदा काटकर यमदूतों को भगा दिया और अदृश्य हो गये इसके बाद अजामिल घर-द्वार छोड़कर भगवन्नाम संकीर्तन के द्वारा भगवान के धाम को चला गया । इस अवसर पर डाक्टर ओमप्रकाश शुक्ल जैप्रकाश शुक्ल डाक्टर अजय मिश्र वलभद्र विनय मिश्र अनिल कुमार रामनिवास आंजनेयदास जी अनिरुद्ध मिश्र परशुराम पांडे ,ओमप्रकाश दुबे, विजय वर्मा, शशि कला पटेल ,राजन मिश्रा, अलका पांडे, सरस त्रिपाठी ,प्रदीप शुक्ला, राम आशीष, अशोक ककुमार, देवेंद्र कुमार ,नागेंद्र कुमार, अनिल, सच्चिदानंद ,वीरेंद्र, आदित्य गुप्ता आदि श्रोताओं ने कथा का रसपान किए।

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