गोरखपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, धार्मिक मुद्दों को लेकर BJP पर हमला
जबलपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, पीएम मोदी और सीएम योगी के पोस्टर जलाए

जबलपुर शहर में कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन दर्ज कराते हु आदि शंकराचार्य चौक छोटी लाइन गोरखपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पोस्टर जलाकर आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान आरोप लगाया गया कि स्वयं को हिंदुओं और सनातन धर्म का सबसे बड़ा रक्षक बताने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर सनातन धर्म, उसकी परंपराओं और धार्मिक आस्थाओं पर लगातार आघात कर रही है। शहर कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने हिंदू देवी-देवताओं और धर्मगुरुओं के नाम पर सत्ता प्राप्त की,
लेकिन आज सत्ता के नशे में चूर होकर
वही सरकार सनातन परंपराओं और
धार्मिक आस्थाओं का अपमान कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में प्राचीन
मंदिरों को तोड़ा जा रहा है, लेकिन
तथाकथित धर्मरक्षक संगठन इस पर मौन
साधे हुए हैं। कांग्रेस इस अन्याय के
खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर सैकड़ों वर्षों से स्थापित प्राचीन मंदिरों को ध्वस्त किया गया। जिन घाटों और मंदिरों का उल्लेख काशी के पुराणों में मिलता है, उनके मूल स्वरूप को नष्ट कर उन्हें केवल पर्यटन स्थल में बदला जा रहा हैं, जो अत्यंत निंदनीय है। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इशारे पर माघ मेला,प्रयागराज में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर सनातन धर्म के प्रमुख मठाधीश एवं धर्मध्वजवाहक परम पूज्य शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्केश्वरानंद जी महाराज कोमाँ गंगा में स्नान करने से रोका गया। उनके साथ दुव्यवहार किया गया
और उनके शिष्यों को बालों की चोटी
पकड़कर घसीटा गया, जो अमानवीय और
अत्यंत निंदनीय है। कांग्रेस नेताओं ने यह
भी कहा कि 14 जनवरी मकर संक्रांति के
पावन पर्व पर रामभक्त पवनपुत्र हनुमान जी
के पुतले को पतंग के साथ बांधकर उड़ाए
जाने की घटनाओं से करोड़ों श्रद्धालुओं
की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची
है। इन्हीं घटनाओं से आहत होकर कांग्रेस
पार्टी द्वारा यह विरोध प्रदर्शन आयोजित
किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस नेता
श्री प्रवेंद्र सिंह चौहान एवं एडवोकेट श्री
अक्षय विनोदिया ने चेतावनी दी कि यदि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा
शंकराचार्य जी से सार्वजनिक रूप से माफी
नहीं मांगी जाती है, तो यह आंदोलन
लगातार और व्यापक रूप से जारी रहेगा।
जबलपुर से वाजिद खान की रिपोर्ट



