Mau news:रेलवे मंडलचिकित्सालय में सर्वाइकल कैंसर पर जन जागरूकता सेमिनारका हुआ आयोजन

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मऊ।वाराणसी । मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ रूप ज्योति चौधुरी के नेतृत्व में वाराणसी मंडल पर सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह (Cervical Cancer Awareness Month) के अंतर्गत मंडल चिकित्सालय,लहरतारा के सेमिनार कक्ष में सर्वाइकल कैंसर जागरूकता (Cervical Cancer Awareness ) व्याख्यान का आयोजन किया गया ।
सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ आर जे चौधुरी ने अपने वक्तव्य में बताया कि प्रतिवर्ष जनवरी को सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह (Cervical Cancer Awareness Month) के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य इस रोके जा सकने वाले कैंसर के बारे में शिक्षा, एचपीवी टीकाकरण, और नियमित स्क्रीनिंग (पैप स्मीयर) को बढ़ावा देना है। गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर है, लेकिन समय पर जांच से यह पूरी तरह से ठीक हो सकता है।
इस सेमिनार में अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा कल्पना दूबे , वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डा मोनिका शुक्ला एवं मंडल चिकित्सा अधिकारी डा ममता सिंह द्वारा उपस्थित महिलाओं एवं पैरा मेडिकल स्टॉफ को सर्वाइकल कैंसर के विषय में विस्तार से बताया कि गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर मुख्य रूप से एचपीवी (HPV) वायरस से होता है, लेकिन यह पूरी तरह से रोके जा सकने वाले कैंसरों में से एक है। 9-14 वर्ष की लड़कियों के लिए एचपीवी टीका (Vaccine) और 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए नियमित पैप स्मीयर (Pap Smear) और एचपीवी परीक्षण इसे शुरुआती चरण में पहचान कर रोकने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
मुख्य बिंदु और जागरूकता
कारण: यह कैंसर मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के कारण होता है।
रोकथाम/टीकाकरण: एचपीवी वैक्सीन 9-14 वर्ष की लड़कियों के लिए सबसे प्रभावी है, जो कैंसर की रोकथाम करती है।
स्क्रीनिंग: 21-25 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को नियमित रूप से पैप स्मीयर और एचपीवी टेस्ट (प्रत्येक 3-5 साल में) कराना चाहिए।
लक्षण: असामान्य योनि रक्तस्राव (जैसे मासिक धर्म के बीच, संभोग के बाद या रजोनिवृत्ति के बाद), पेल्विक दर्द या संभोग के दौरान दर्द। ये संकेत मिलने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें।
जागरूकता माह: जनवरी में इस विषय पर चर्चा की जाती है ताकि महिलाओं को इसकी जानकारी मिले और वे समय पर टीकाकरण और स्क्रीनिंग अवश्य करवाएं।
बचाव के तरीके
एचपीवी वैक्सीन लगवाएं: यह सबसे अच्छा बचाव है।
नियमित जांच: नियमित रूप से पैप परीक्षण और एचपीवी स्क्रीनिंग करवाएं।
स्वस्थ जीवन शैली: धूम्रपान न करें और स्वस्थ आहार लें।
सुरक्षित यौन संबंध: कंडोम का उपयोग करने से एचपीवी के संचरण का जोखिम कम हो सकता है।
समय पर पता चलने पर सर्वाइकल कैंसर का इलाज संभव है, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
जनवरी को प्रतिवर्ष सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह (Cervical Cancer Awareness Month) के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य इस रोके जा सकने वाले कैंसर के बारे में शिक्षा, एचपीवी टीकाकरण, और नियमित स्क्रीनिंग (पैप स्मीयर) को बढ़ावा देना है। गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर है, लेकिन समय पर जांच से यह पूरी तरह से ठीक हो सकता है।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ आर.आर.सिंह एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ सुनन्दा चतुर्वेदी एवं डॉ ए. के. सिंह ने सर्वाइकल कैंसर के
प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित करते हुए बताया कि सर्वाइकल कैंसर को टीकाकरण और शीघ्र जांच के माध्यम से समाप्त करना है।
टीकाकरण (Vaccination): 9 से 14 वर्ष की लड़कियों को एचपीवी का टीका लगवाना सबसे प्रभावी बचाव है।
जांच (Screening): 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए नियमित पैप स्मीयर और एचपीवी टेस्ट जरूरी है।
लक्षण: योनि से असामान्य रक्तस्राव, संभोग के दौरान दर्द, और पैल्विक दर्द इसके प्रमुख संकेत हो सकते हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा आर.जे.चौधुरी के अनुसार जनवरी के इस महीने में #CervicalCancerAwarenessMonth और #EndCervicalCancer जैसे हैशटैग के साथ, “जानें, बचाव करें, जांच करें” का संदेश फैलाकर महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है। उक्त जानकारी अशोक कुमारजनसम्पर्क अधिकारी, वाराणसीने दी।

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