Azamgarh news:नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने महाराजा पंडित त्रिपुरारी मिश्रा एवं राजमाता सुमित्रा देवी की विशाल प्रतिमाओं का किया भव्य अनावरण
Azamgarh,बालपुर खरैला में श्रद्धा, सम्मान और सांस्कृतिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ ऐतिहासिक कार्यक्रम

गंभीरपुर/आज़मगढ़।आज़मगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बालपुर खरैला ग्राम में शनिवार को एक अत्यंत गरिमामय एवं ऐतिहासिक अवसर देखने को मिला, जब महाराजा पंडित त्रिपुरारी मिश्रा एवं राजमाता सुमित्रा देवी की भव्य एवं विशाल प्रतिमाओं का अनावरण उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय के कर-कमलों द्वारा किया गया।
यह प्रतिमाएं उनके सुपुत्र राजा संतोष कुमार मिश्रा द्वारा अपने पूज्य माता-पिता की अमिट स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से स्थापित कराई गई हैं।कार्यक्रम में श्रद्धा, संस्कार और भारतीय परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला।वैदिक मंत्रोच्चार, पुष्पवर्षा और जयघोष के बीच जैसे ही प्रतिमाओं से आवरण हटाया गया, पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।ग्रामीणों और आगंतुकों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
इस अवसर पर भावुक होते हुए राजा संतोष कुमार मिश्रा ने कहा कि
आज मेरे जीवन में जो भी उपलब्धियां हैं, वह मेरे माता-पिता के त्याग, संस्कार और आशीर्वाद का प्रतिफल हैं। उन्होंने जीवनभर जो मूल्य हमें सिखाए, वही हमारी असली पूंजी हैं। उनकी स्मृति को अमर रखने के लिए यह प्रतिमा स्थापना मेरे लिए केवल एक कार्य नहीं, बल्कि कर्तव्य है।
मुख्य अतिथि नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने अपने संबोधन में प्रतिमा स्थापना की सराहना करते हुए कहा कि
माता-पिता की प्रतिमा स्थापित करना केवल श्रद्धा का नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों का प्रतीक है। माता-पिता जीवन की पहली पाठशाला होते हैं और उनके प्रति सम्मान ही एक सशक्त और संस्कारित समाज की नींव रखता है।उन्होंने कहा कि राजा संतोष कुमार मिश्रा द्वारा अपने माता-पिता के सम्मान में की गई यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और समाज में पारिवारिक मूल्यों को और अधिक मजबूत करेगी।कार्यक्रम में पूर्वक कैबिनेट मंत्री समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।सभी अतिथियों ने प्रतिमाओं की भव्यता, कलात्मकता और आयोजन की सराहना की।समारोह का समापन सामूहिक श्रद्धांजलि,धन्यवाद ज्ञापन और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।बालपुर खरैला गांव में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक स्मृति समारोह रहा,बल्कि संस्कार, सम्मान और सामाजिक मूल्यों का जीवंत उदाहरण भी बना।
राहुल पांडे/आफताब आलम



