आजमगढ़:जिलाधिकारी ने जनपद के सबसे कम फॉर्मर रजिस्ट्री वाले ब्लॉक जहानागंज के ग्राम मित्तूपुर एवं दौलताबाद का किया निरीक्षण
Azamgarh news:जिलाधिकारी ने किसानों क़ो फार्मर रजिस्ट्री कराने मे होने वाली समस्याओं के संबंध मे प्राप्त की जानकारी

आजमगढ़ 29 जनवरी– प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता वाली फार्मर रजिस्ट्री योजना का जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार ने गंभीरता से संज्ञान मे लिया तथा आज जनपद के सबसे कम फॉर्मर रजिस्ट्री वाले ब्लॉक जहानागंज के ग्राम मित्तूपुर एवं दौलताबाद का निरीक्षण किया तथा वहां पर उपस्थित किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने मे होने वाली समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि मित्तूपुर ग्राम में कुल 600 किसानों का फॉर्म रजिस्ट्री बना दी गई है, 271 लोग अभी भी बचे हुए हैं। पंचायत सहायक द्वारा बताया गया कि आधार और खतौनी में दर्ज नाम में भिन्नता एवं फिंगर प्रिंट नहीं लगने के कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं बना है। जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अवशेष किसानों को बताया जाए कि फॉर्मर रजिस्ट्री बनाने में कौन-कौन से डॉक्यूमेंट लगेंगे। ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी महोदय को अवगत कराया गया कि जानकारी न होने के कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनवाया गया।जिलाधिकारी द्वारा सूची में दर्ज फूलचंद पुत्र फेकू, गोविंद प्रसाद, अजय कुमार पुत्र रामसूरत चौहान को एडीओ कृषि से फोन कर सत्यापित भी कराया गया, जिसमें कुछ लोग जनपद के बाहर थे, कुछ लोगों के पास आवश्यक अभिलेख नहीं थे तथा कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं दी गई। कुछ किसानों द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि सीएससी वाले 100 रू0 लेकर कागज बनाते हैं तथा बार-बार दौड़ाया जाता है। जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उप निदेशक कृषि को तत्काल सीएससी पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में लापरवाही करने तथा किसानों को आवश्यक जानकारी न उपलब्ध कराने पर एक दिन का वेतन काटते हुए कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करायें तथा ब्लॉक पर कैंप लगाकर ट्रेनिंग दिया जाए एवं ऐप को भी फोन में डाउनलोड कराया जाए।जिलाधिकारी ने उप निदेशक कृषि को निर्देश दिया कि स्वयं के साथ ही सभी विभागीय अधिकारी प्रत्येक दिन कम से कम 10 ग्रामों का भ्रमण करें। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की ड्यूटी ग्रामों में जाकर फॉर्मर रजिस्ट्री के निरीक्षण के लिए लगाई गई थी, उनसे आज ही शाम को भ्रमण किए गए ग्रामों की सूची लेकर उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि यदि भ्रमण किए गए ग्रामों की सूची उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो उनका स्पष्टीकरण लेते हुए वेतन रोकें तथा प्रमुख सचिव को भी कॉपी किया जाए।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि फार्मर रजिस्ट्री करने से क्या-क्या लाभ मिलेगा, इसके सम्बन्ध में भी व्यापक प्रचार प्रसार करायें। उन्होंने कहा कि प्रातः 7ः00 से 9ः00 तक तथा शाम 6ः00 बजे से 8ः00 तक ग्रामों में मुनादी कराई जाए, कि इस स्थान पर इस दिन तथा इस समय पर कैंप लगाया जाएगा। उन्होंने कहा की मुनादी में यह अभी बताया जाए कि कौन-कौन से अभिलेख फार्मर रजिस्ट्री में आवश्यक होगा।पंचायत भवन दौलताबाद में भी किसानों द्वारा बताया गया कि कुल 859 किसान हैं, जिसमें से 448 किसानांे की फार्मर रजिस्ट्री हो गई है तथा 348 लोगों का नाम यहां नहीं है। जिलाधिकारी को कुछ किसानों द्वारा अवगत कराया गया कि वरासत होने के बाद भी भूलेख पर पुराना डाटा दिख रहा है। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित से स्पष्टीकरण लेने के लिए तहसीलदार को निर्देश दिया। किसानों द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं दी गई।जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि लेखपालों से वरासत के प्रकरण को गंभीरता से लेकर तत्काल निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को तत्काल सभी सीएससी वालों से बात करने एवं निर्धारित फीस लेने हेतु निर्देश देने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कोई भी सीएससी संचालक किसानों से निर्धारित फीस से ज्यादा न लें तथा किसानों को दौड़ाया न जाए।जिलाधिकारी ने उप कृषि निदेशक को फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में शिथिलता एवं प्रभावी पर्यवेक्षण न करने पर स्पष्टीकरण तलब किया। इसके साथ ही प्रचार प्रसार न करने पर अब तक प्रचार-प्रसार के मद से क्या-क्या कराया गया, इसका पूर्ण विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।इस अवसर पर उप कृषि निदेशक आशीष कुमार, डीसी मनरेगा रामउदरेज यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी पवन कुमार सहित अन्य संबंधित उपस्थित रहे।



