Azamgarh News: अब गाँव में मिलेंगी शहर जैसी सुविधाएँ, लौटेगा पिछड़ों का हक” – कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर
Villages will now get city-like facilities, the rights of the backward classes will be returned" – Cabinet Minister Om Prakash Rajbhar.

अब गाँव में मिलेंगी शहर जैसी सुविधाएँ, लौटेगा पिछड़ों का हक” – कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर
रिपोर्ट चन्द्रेश यादव अतरौलिया
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने आज अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में प्रेस वार्ता के दौरान विपक्ष पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों से लेकर ग्रामीण विकास तक के मुद्दों पर सरकार का पक्ष मजबूती से रखा।UGC नियम: “न्यायालय का आदेश सर्वोपरि, अखिलेश केवल हालात भांप रहे” UGC द्वारा नियुक्तियों में पुराने नियमों की बहाली और सुप्रीम कोर्ट के हालिया रुख पर बोलते हुए राजभर ने कहा कि न्यायालय का निर्णय अंतिम है और इसका सम्मान अनिवार्य है। सपा प्रमुख पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा:
“विपक्षी नेता, खासकर अखिलेश यादव, पहले चुप्पी साधे रहते हैं और जब कोर्ट का आदेश आ जाता है, तब परिस्थितियों को भांपकर बयानबाजी शुरू करते हैं।”
सामाजिक समानता: मंडल कमीशन का दिया हवाला
राजभर ने UGC के नए नियमों को सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा:
समानता का अधिकार: ये नियम विश्वविद्यालयों में होने वाली अनियमितताओं को खत्म करेंगे।
हक की लड़ाई: जब भी दलितों, पिछड़ों या अल्पसंख्यकों को हक देने की बात होती है, कुछ लोग विरोध में खड़े हो जाते हैं।
इतिहास गवाह है: उन्होंने याद दिलाया कि जिस तरह मंडल कमीशन का विरोध हुआ था, लेकिन अंततः पिछड़ों को उनका अधिकार मिला, वैसे ही यहाँ भी न्याय होगा। गाँवों का कायाकल्प: डिजिटल लाइब्रेरी और ओपन जिम से रुकेगा पलायन
ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर हो रहे पलायन पर मंत्री ने पंचायती राज विभाग के रोडमैप को साझा किया। उन्होंने दावा किया कि अब सरकार गाँवों को शहरों जैसी सुविधाओं से लैस कर रही है ताकि ‘रिवर्स पलायन’ शुरू हो सके।
गाँवों में मिलने वाली नई सुविधाएँ:
डिजिटल लाइब्रेरी: ग्रामीण छात्रों को आधुनिक शिक्षा के अवसर मिलेंगे।
खेल सुविधाएँ: युवाओं के लिए ओपन जिम और मिनी स्टेडियम का निर्माण।
बुनियादी ढांचा: गाँवों की बुनियादी सुविधाओं को इतना बेहतर बनाना कि लोग शहरों को छोड़ वापस गाँवों की ओर रुख करें।
शंकराचार्य पर कटाक्ष: “मन चंगा तो कठौती में गंगा”
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अनशन समाप्त करने पर राजभर ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “मन चंगा तो कठौती में गंगा”, अब वे भी अपनी मांगें पूरी मानकर वापस लौट चुके हैं।



