Azamgarh News: जेल की सलाखों के बीच मासूमों की मुस्कान: बाल कल्याण समिति ने दिखाई संवेदनशीलता

आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय
आजमगढ़ जिला कारागार में निरुद्ध महिलाओं के साथ रह रहे मासूम बच्चों की देखभाल और उनके अधिकारों की हिफ़ाज़त को लेकर बाल कल्याण समिति ने एक मानवीय और संवेदनशील पहल की। न्याय पीठ बाल कल्याण समिति के बेंच ऑफ़ मजिस्ट्रेट श्री अखिलेश सिंह जिला कारागार पहुंचे, जहाँ उन्होंने महिलाओं के साथ रह रहे छोटे-छोटे बच्चों की स्थिति का गहन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जेल में चार निरुद्ध महिलाएं पाई गईं, जिनके साथ उनके नन्हे बच्चे भी रह रहे थे। श्री सिंह ने स्वयं महिलाओं से बातचीत कर बच्चों को मिल रही मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य, भोजन, देखभाल और सुरक्षा के संबंध में विस्तृत जानकारी ली।
उन्होंने यह भी जाना कि जेल प्रशासन द्वारा बच्चों के लिए क्या-क्या व्यवस्थाएं की जा रही हैं।निरीक्षण के दौरान एक महिला ने बताया कि बच्चों को मच्छरों से बचाव की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इस पर बेंच ऑफ़ मजिस्ट्रेट ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि बच्चों को मच्छरों से बचाव के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मासूमों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
इस अवसर पर श्री अखिलेश सिंह ने बच्चों को खिलौने ,चाकलेट और फल वितरित कर उनके चेहरों पर मुस्कान लाने का प्रयास किया। जेल की कठोर दीवारों के बीच यह दृश्य बेहद भावुक और मानवीय था।
प्रेस से बातचीत में उन्होंने बताया कि जेल प्रशासन द्वारा बच्चों को दी जा रही सुविधाओं से वे संतुष्ट हैं, फिर भी बच्चों के हितों से कोई समझौता न हो, इसके लिए भविष्य में भी इस तरह की नियमित जांच-पड़ताल जारी रहेगी।
यह निरीक्षण न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी का उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि कानून की प्रक्रिया के बीच बच्चों का बचपन और उनके अधिकार सबसे ऊपर हैं। बेंच का मजिस्ट्रेट से प्रेस वार्ता के दौरान नेशनल खबर 9 के सह संपादक तथा जयदेश अखबार से रिंकू सिंह द्वारा प्रेस का कैलेंडर और पेपर भेंट किया गया।



