Azamgarh news:हर्षोल्लास के साथ मनाई गई संत रविदास जी की 649वीं जयंती
Azamgarh news: Saint Ravidas ji's 649th birth anniversary celebrated with great enthusiasm

आजमगढ़।माघ महीने की पूर्णिमा के अवसर पर संत शिरोमणि संत रविदास जी महाराज की 649वीं जयंती पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इसी क्रम में आजमगढ़ जनपद में भी जगह-जगह झांकियां, भजन-कीर्तन, जनसभाएं एवं गोष्ठियों का आयोजन किया गया।कार्यक्रमों के दौरान वक्ताओं ने संत रविदास जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। बताया गया कि संत रविदास जी का जन्म संवत 1433 के आसपास उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद स्थित गोवर्धनपुर (सीर गोवर्धनपुर) गांव में एक चर्मकार परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम संतोष दास तथा माता का नाम कर्मा देवी था। उस समय समाज में छुआछूत और भेदभाव व्याप्त था, किंतु संत रविदास जी ने अपनी आध्यात्मिक शक्ति और विचारधारा से इन कुरीतियों को चुनौती दी।उन्होंने अपने पैतृक कार्य जूता निर्माण को पूरी निष्ठा से करते हुए ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति की। संत रविदास जी निर्गुण विचारधारा के महान संत थे। उन्होंने ईश्वर को मंदिर-मस्जिद में नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर खोजने का संदेश दिया। उन्होंने यह सिद्ध किया कि यदि मन शुद्ध हो तो साधारण से साधारण स्थान भी पवित्र बन जाता है,मन चंगा तो कठौती में गंगा।संत रविदास जी की जयंती के उपलक्ष्य में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हरिप्रकाश जी के नेतृत्व में भव्य झांकियां निकाली गईं। दर्जनों गांवों से आई झांकियां रानीपुर रजमो स्थित अंबेडकर प्रतिमा से प्रारंभ होकर गंभीरपुर बाजार का भ्रमण करते हुए संत रविदास मंदिर पर संपन्न हुईं। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।



