Azamgarh news:भूमि विवाद को लेकर जिलाधिकारी से फरियाद, जान-माल की सुरक्षा की मांग

Azamgarh news:Complaint to the District Magistrate regarding land dispute, demand for safety of life and property

आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद तहसील अंतर्गत ग्राम डोड़ोपुर निवासी चन्द्रशेखर पुत्र बेलभद्र ने भूमि विवाद और निर्माण कार्य में उत्पन्न बाधाओं को लेकर जिलाधिकारी महोदय को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।प्रार्थी के अनुसार, उनके पिता स्वर्गीय/श्री बेलमद पुत्र सीता मौजा डोड़ोपुर की आराजी संख्या 449, रकबा हेक्टेयर भूमि के सहखातेदार हैं। उक्त भूमि में उनके पिता का 1/2 हिस्सा है, जबकि शेष 1/2 हिस्सा अन्य सहखातेदारों का है। चन्द्रशेखर अपने पिता के हिस्से की जमीन पर मकान का निर्माण कर रहे थे, लेकिन गांव के ही कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से निर्माण कार्य में लगातार बाधा उत्पन्न की जा रही है।प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि अजय सिंह, राणा प्रताप सिंह (पुत्रगण हरिहर), शिवकुमार पुत्र केदार, रोहित पुत्र महेन्द्र, सोनम पत्नी रोहित, नन्दलाल पुत्र मानसिंह तथा इनके परिवारजन बिना किसी वैधानिक अधिकार के निर्माण कार्य रुकवा रहे हैं। मना करने पर उक्त लोग फौजदारी पर आमादा हो जाते हैं और प्रार्थी व उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां भी दे रहे हैं।

इतना ही नहीं, आरोपियों द्वारा प्रार्थी की जमीन पर ट्रैक्टर और कृषि से संबंधित मशीनरी को खड़ा करने, लाने-ले जाने में भी रोक लगा दी गई है, जिससे प्रार्थी खेती का कार्य नहीं कर पा रहा है। प्रार्थी का कहना है कि खेती-बाड़ी ही उसके परिवार के भरण-पोषण का मुख्य साधन है और इस बाधा के कारण उसे गंभीर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।चन्द्रशेखर ने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर वह पहले भी सक्षम प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दे चुका है, लेकिन आदेश दिए जाने के बावजूद संबंधित कर्मचारियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि संबंधित कर्मचारियों ने कथित दबाव में आकर झूठी रिपोर्ट लगाकर उच्च अधिकारियों को भेज दी।पीड़ित ने जिलाधिकारी से मांग की है कि स्वयं अपनी देखरेख में स्थलीय जांच कराई जाए और दोषी लोगों को निर्माण कार्य में बाधा डालने से रोका जाए। साथ ही, कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर व कृषि यंत्रों के आवागमन में हो रही रुकावट को भी तत्काल समाप्त कराया जाए, ताकि मौके पर शांति व्यवस्था बनी रहे और पीड़ित परिवार सुरक्षित रूप से अपना जीवन यापन कर सके।अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित को कब तक न्याय मिल पाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button