आजमगढ़ में भाई की मौत के बाद डॉन अबू सलेम की पैरोल याचिका,17 लाख का खर्च बना रोड़ा

अबू सलेम की पैरोल की राह मुश्किल, सुरक्षा खर्च बना सबसे बड़ी चुनौती

मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में गैंगस्टर अबू सलेम की पैरोल याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने सलेम की ओर से पेश वकील से कहा कि यदि पैरोल दी जाती है, तो पुलिस एस्कॉर्ट और सुरक्षा व्यवस्था का पूरा खर्च अबू सलेम को स्वयं वहन करना होगा।इस पर सलेम के वकील ने कोर्ट को बताया कि सुरक्षा और एस्कॉर्ट का कुल खर्च करीब 17 लाख रुपये से अधिक आंका गया है। उन्होंने दलील दी कि अबू सलेम पिछले 25 वर्षों से जेल में बंद है और उसके पास आय का कोई साधन नहीं है, ऐसे में इतनी बड़ी राशि चुकाना संभव नहीं है। वकील ने कहा कि सलेम अधिकतम 1 लाख रुपये तक का खर्च ही उठा सकता है,

भाई की मौत का हवाला देकर मांगी पैरोल

दरअसल, हाल ही में अबू सलेम ने अपने भाई की मौत का हवाला देते हुए पैरोल की मांग की थी। वह उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में स्थित अपने पैतृक गांव सरायमीर जाना चाहता है।सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि यह इलाका संवेदनशील है और सलेम की मौजूदगी से शांति व्यवस्था भंग होने का खतरा हो सकता है। हालांकि, सरकार ने चार दिन की पैरोल देने पर सहमति जताई, बशर्ते सुरक्षा का पूरा खर्च सलेम स्वयं वहन करे।

चार दिन की पैरोल देने के पक्ष में कोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह यात्रा अवधि को छोड़कर चार दिन की पैरोल देने के लिए तैयार है। इस दौरान सलेम को पुलिस एस्कॉर्ट और पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी, लेकिन इसका खर्च उसी को उठाना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि सलेम सुरक्षा खर्च वहन करने में असमर्थ रहता है, तो पैरोल मिलना कठिन हो सकता है।

खर्च कम करने की मांग, अगली सुनवाई 5 फरवरी को

सुनवाई के दौरान सलेम के वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया कि सुरक्षा खर्च को कम किया जाए या कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। इस पर विचार करते हुए कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी तय की है। इसी दिन यह फैसला होगा कि सलेम को पैरोल दी जाएगी या नहीं और यदि दी जाती है, तो किन शर्तों के साथ।

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