Mau news:शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में डॉ. रामविलास भारती की अद्वितीय पहल:नीरज कुमार द्विवेदी

घोसी।मऊ।‘चौरी-चौरा विद्रोह’ के अमर शहीदों की स्मृति को समर्पित, शिक्षा एवं समाज सेवा के उद्देश्य से तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर के ‘पे बैक टू सोसाइटी’ के विचार को साकार करते हुए राज्यअध्यापक पुरस्कार से सम्मानित प्रधानाध्यापक डॉ. रामविलास भारती के संयोजन में जगपूरनी देवी बरखू शैक्षिक समृद्धि छात्रवृत्ति वितरण एवं “जन स्मृति में चौरी-चौरा विद्रोह” विषयक शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन पूर्व माध्यमिक विद्यालय धरौली, घोसीके प्रांगण में भव्य रूप से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत के संविधान को साक्षी मानते हुए शहीदों को नमन करते हुए मुख्य अतिथि वित्त एवं लेखाधिकारी मऊ नीरज कुमार द्विवेदी, अध्यक्ष पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक शिवचन्द राम, तथा प्रमुख अतिथि वित्त एवं लेखाधिकारी आजमगढ़ विश्वनाथ राम, पूर्व मुख्य प्रबंधक मुखराम सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात विद्यालय की छात्राओं ने सभी उपस्थितजनों को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई।
मुख्य आयोजक डॉ. रामविलास भारती एवं विद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। डॉ. भारती ने “जन स्मृति में चौरी-चौरा विद्रोह” विषय पर विचारोत्तेजक भूमिका प्रस्तुत करते हुए इसे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की चेतना का आधार बताया। डॉ. रामविलास भारती के सौजन्य से 32 मेधावी एवं पूर्व छात्रों को जगपूरनी देवी बरखू शैक्षिक समृद्धि छात्रवृत्ति प्रदान की गई। यह छात्रवृत्ति डॉ. भारती द्वारा अपने व्यक्तिगत वेतन से दी जाती है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी को प्रतिवर्ष ₹1200 की सहायता स्नातक, परास्नातक अथवा पीएचडी पूर्ण होने तक प्रदान की जाती है। लाभार्थियों में जामवंत, अजय कुमार, राजन, पूजा चौहान, समीना, सानिया, आराधना, शालू भारती, सोनाली, करिश्मा, अमीषा, पुष्पांजलि, नीतू, गुंजा, नेहा, आयुषी, प्रियांशी, रंजना, खुशबू, चांदनी, सबा परवीन, धीरज, अंजलि, अर्जुन यादव, विजय लक्ष्मी सहित अन्य छात्र-छात्राएँ सम्मिलित रहीं।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले समाजसेवियों में इसरो में वैज्ञानिक के रूप में चयनित आशीष भास्कर, ओमप्रकाश रंजन एवं योगेन्द्र चौहान (जे.के. आर्ट) को पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति, ड्रॉपआउट न्यूनतम रखने तथा शैक्षिक प्रगति में सहयोग देने वाली आर्थिक रूप से कमजोर 15 माताओं/अभिभावकों एवं नियमित उपस्थित विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। श्रेष्ठा परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों में सत्यम, शिवम, काजल (पूर्व माध्यमिक विद्यालय धरौली) तथा आंचल एवं अभय (खत्रीपार)—को मेडल एवं शिक्षण सामग्री प्रदान की गई।
मुख्य अतिथि नीरज कुमार द्विवेदी ने कहा कि “डॉ. रामविलास भारती शिक्षा और समाज सेवा के जीवंत प्रतीक हैं। ऐसा विद्यालय मैंने अपने सेवाकाल में विरल ही देखा है। यह सभी के लिए अनुकरणीय है। बच्चों में राष्ट्रप्रेम की भावना का विकास आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
अध्यक्षीय संबोधन में शिवचन्द राम ने कहा कि “पूर्व माध्यमिक विद्यालय धरौली जनपद के अन्य विद्यालयों के लिए एक आदर्श उदाहरण है। डॉ. रामविलास भारती का कार्य शिक्षा के माध्यम से समाज परिवर्तन का सशक्त मॉडल प्रस्तुत करता है।”विश्वनाथ राम ने छात्रवृत्ति को बाबासाहेब आंबेडकर के ‘पे बैक टू सोसाइटी’ सिद्धांत का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। खंड शिक्षा अधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने चौरी-चौरा विद्रोह को स्वतंत्रता आंदोलन का मील का पत्थर बताया।
कार्यक्रम का संचालन बृजेश यादव ने किया। इस अवसर पर डॉ. रामशिरोमणि, बालचंद्र, शिवशंकर राम, विजय कुमार, विवेक रानू, रणविजय यादव, विमल शौर्य, डॉ. तेजभान, नवीन राय,ज्ञानप्रकाश चावला, सुनील कुमार, अनुज कुमार, अजित कुमार, विनय कुमार, रविकांत, शंशाक भारती, सीमांत भारती, संतरा यादव, पुष्पा, कमला यादव, बदामी, मनीषा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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