Azamgarh news:7 महीने से लापता राजकुमार गौतम: हर गुजरते दिन के साथ बुझती उम्मीद,पत्नी ने जताई अनहोनी की आशंका
काम पर जाने निकले थे राजकुमार, 7 महीने बाद भी परिवार को नहीं मिला जवाब

*7 महीने से लापता राजकुमार गौतम: हर गुजरते दिन के साथ टूटती उम्मीद, पत्नी ने जताई अनहोनी की आशंका*
आजमगढ़ जनपद के सिधारी थाना क्षेत्र अंतर्गत चकगौरैया गांव से जुड़ी यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति के लापता होने की नहीं, बल्कि एक परिवार के धीरे-धीरे बिखरते सपनों और टूटती उम्मीदों की है। बीते लगभग 7 महीने से रहस्यमय तरीके से लापता राजकुमार गौतम का आज तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। उनके इंतजार में एक मां की आंखें पथरा गई हैं और एक पत्नी हर रोज अनहोनी की आशंका के साए में जीने को मजबूर है।
परिजनों के अनुसार, राजकुमार गौतम 09 अगस्त 2025 की सुबह करीब 8:30 बजे रोज की तरह काम पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। लेकिन वह न तो काम पर पहुंचे और न ही शाम तक घर लौटे। इसके बाद परिजनों ने रिश्तेदारों, जान-पहचान वालों और आसपास के क्षेत्रों में हर संभव जगह तलाश की, मगर कहीं कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
राजकुमार की पत्नी सितारा देवी की पीड़ा शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उनकी गोद में तीन मासूम बच्चे हैं, जो हर दिन अपने पिता के लौटने का इंतजार करते हैं। सितारा देवी का कहना है कि इतने महीनों बाद भी न तो कोई ठोस खोजबीन हुई और न ही कोई प्रभावी कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी। परिवार का इकलौता सहारा अचानक गायब हो जाने से घर की आर्थिक और मानसिक हालत पूरी तरह चरमरा गई है।राजकुमार की मां की आंखों से बहते आंसू इस दर्द की गवाही देते हैं। वह कहती हैं कि “बेटा जिंदा है या नहीं, बस इतना बता दिया जाए, तो दिल को कुछ सुकून मिले।” मां और पत्नी आज भी इस उम्मीद में हैं कि शायद किसी दिन राजकुमार दरवाजे पर दस्तक दे दें।यह मामला न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि प्रशासन और समाज दोनों के लिए एक सवाल भी है,क्या इस दर्द को यूं ही अनसुना छोड़ दिया जाएगा, या किसी मां और पत्नी को उनके सवालों का जवाब मिलेगा?



