आजमगढ़: दबंग के डर में जी रही महिला, गौशाला निर्माण रुकवाने और जान से मारने की धमकी का आरोप
Azamgarh: Woman living in fear of a bully, accused of stopping construction of a cowshed and threatening to kill her

आजमगढ़ जिले के सगड़ी तहसील अंतर्गत ग्राम आखापुर (थाना कंधरपुर) की निवासी पुष्पा राय ने गांव के ही एक व्यक्ति पर प्रताड़ना, धमकी और जमीन पर वैध निर्माण कार्य रुकवाने का गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता ने संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की है।पुष्पा राय का कहना है कि उनके पति सुरेन्द्र नाथ राय लंबे समय से लापता हैं, जबकि उनका पुत्र राहुल राय रोज़गार के सिलसिले में बाहर रहता है। ऐसे में वह घर पर अकेली रहकर जीवन यापन कर रही हैं। उनका आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर गांव का ही निवासी जगन्नाथ राय उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है।पीड़िता के अनुसार, उनके घर के पीछे स्थित पैतृक भूमि (चक नंबर 180 व 181) पर पहले से ट्यूबवेल स्थापित है और वहीं वह अपने पशु बांधती रही हैं। हाल ही में उन्होंने अपने खर्च से वहां गौशाला निर्माण शुरू कराया। आरोप है कि इसी से नाराज़ होकर जगन्नाथ राय ने पुलिस में झूठी शिकायत कर दी, जबकि उस भूमि से उसका कोई संबंध नहीं है।पुष्पा राय ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने निर्माण कार्य रोकने का विरोध किया तो जगन्नाथ राय, उसके पुत्र रजनीश राय (सोनू) और पौत्र दिव्यांशु राय (सौरभ) ने उन्हें सार्वजनिक रूप से गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। उनका यह भी कहना है कि दबाव में आकर स्थानीय पुलिस ने निर्माण कार्य रुकवा दिया है।पीड़िता का आरोप है कि वह कई बार थाने और लेखपाल के पास जमीन की पैमाइश कराने के लिए गईं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि एक अकेली महिला होने के कारण उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है।पुष्पा राय ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि जगन्नाथ राय पूर्व में हत्या के एक मामले में सजायाफ्ता रह चुका है। उन्होंने आशंका जताई है कि आरोपी उनके या उनके परिवार के साथ किसी भी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता है।पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित पुलिस अधिकारी को मौके पर भेजकर निष्पक्ष जांच कराई जाए, उनकी भूमि की पैमाइश कराकर वैध निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया जाए तथा आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें सुरक्षा मिल सके।फिलहाल मामले में पुलिस या आरोपित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।



