Azamgarh News: प्राचीन शिव मंदिर में नवदिवसीय मानस महायज्ञ शुरू, रामकथा में उमड़ी आस्था की अपार भीड़

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आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय

आज़मगढ़ जनपद के बिलरियागंज थाना अंतर्गत पटवध कौतुक स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में आयोजित नवदिवसीय मानस महायज्ञ एवं श्रीराम कथा में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। आयोजन के प्रारंभ होते ही मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया और दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
सुबह वैदिक परंपरा के अनुसार श्रीकांत पांडे एवं अन्य विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ का शुभारंभ किया गया। हवन कुंड से उठती पवित्र आहुति और मंत्रों की गूंज ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
“नारद विवाह” प्रसंग ने किया श्रद्धालुओं को भाव-विभोर
शाम को कथा व्यास ललित नारायण गिरी महाराज ने “नारद विवाह” प्रसंग का अत्यंत मार्मिक एवं प्रेरणादायक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि अहंकार और अभिमान मनुष्य के आध्यात्मिक पतन का सबसे बड़ा कारण हैं। देवर्षि नारद के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि जब क्षणिक रूप से अभिमान उत्पन्न हुआ, तब भगवान की माया ने उन्हें शिक्षा देकर विनम्रता का मार्ग दिखाया।
महाराज जी ने कहा कि चाहे व्यक्ति कितना भी ज्ञानी, तपस्वी या भक्त क्यों न हो, अहंकार उसे सत्य मार्ग से भटका सकता है। इसलिए जीवन में विनम्रता, सेवा और समर्पण का भाव आवश्यक है।
रामकथा जीवन को देती है मर्यादा और सेवा का संदेश
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि रामकथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को मर्यादा, विनम्रता और मानव सेवा की ओर ले जाने वाली दिव्य धारा है। मानस महायज्ञ जैसे आयोजन समाज में शांति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
कथा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से लगातार गुंजायमान रहा। श्रद्धालु भजन-कीर्तन में भाव-विभोर होकर शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान आरती एवं प्रसाद वितरण भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया।
22 फरवरी को होगा विशाल भंडारा
आयोजन समिति के अनुसार नवदिवसीय मानस महायज्ञ एवं श्रीराम कथा का समापन 22 फरवरी को विशाल भंडारे के साथ होगा, जिसमें क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
धार्मिक उत्साह और श्रद्धालुओं की आस्था से पूरा क्षेत्र इन दिनों आध्यात्मिक रंग में रंगा हुआ है।

 

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