Azamgarh news :खेल के मैदान में कचरे का साम्राज्य, गंदगी में दम तोड़ता गाँव का विकास

खेल के मैदान में कचरे का साम्राज्य, गंदगी में दम तोड़ता गाँव का विकास

रिपोर्टर विवेक

बरदह, आजमगढ़

स्थानीय थाना क्षेत्र के चौकी गांव में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद विकास की तस्वीर बदहाल नजर आ रही है। सबसे चिंताजनक स्थिति बच्चों के खेल मैदान की है, जहां खेलकूद की जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है और बड़े-बड़े कुश-गाड़र का कब्जा बना हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि मैदान में ही उपली पाथी जा रही है, जबकि पास से बहती खुली गंदी नाली बदबू और बीमारी को खुला निमंत्रण दे रही है। गांव में कचरा प्रबंधन पूरी तरह ध्वस्त दिखाई देता है। कचरा केंद्र खाली पड़ा है, कचरा गाड़ी वर्षों से ग्राम प्रधान के घर पर धूल फांक रही है और इक्का-दुक्का कूड़ेदान को छोड़ अधिकांश कचरा पोखरों व बाहा में फेंका जा रहा है। बाहा की समय पर सफाई न होने और उसके अवरुद्ध हो जाने से स्नान व पशुओं के उपयोग वाले पोखरों की हालत दयनीय हो चुकी है। बाहा से संपर्क टूटने के कारण भीषण गर्मी में पोखरों में पानी नहीं टिकता, जिससे नलों का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है और ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
सरकार द्वारा बच्चों के खेल और स्वच्छता को बढ़ावा देने की योजनाएं इस गांव में दम तोड़ती नजर आ रही हैं। जिम्मेदार तंत्र की अनदेखी ने हालात को भयावह बना दिया है, जहां मासूम बच्चों का खेल मैदान कूड़ाघर में तब्दील हो चुका है और पूरा गांव गंदगी की चपेट में है। गांव निवासी आशीष राय का कहना है कि साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत निंदनीय है और शिकायतों का भी कोई असर नहीं पड़ता। बच्चों के खेल मैदान में कुश गाडर तथा कचरा, पोखरों और बाहा में खुलेआम कचरा फेंका जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार मौन हैं। बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदारों की नजर इस गंभीर समस्या पर कब पड़ेगी और बच्चों को स्वच्छ खेल मैदान तथा ग्रामीणों को साफ-सुथरा गांव कब नसीब होगा?

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