Azamgarh News: फर्जी नक्शा और कूटरचित दस्तावेज से जमीन बेचकर 2.87 करोड़ की ठगी का खुलासा, गैंगेस्टर भूमाफिया गिरफ्तार

आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय
आजमगढ़ शहर कोतवाली अंतर्गत जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर फर्जी नक्शा-नजरी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गैंगेस्टर, हिस्ट्रीशीटर व भूमाफिया को कोतवाली पुलिस और स्वॉट टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी द्वारा अपने गिरोह के साथ मिलकर जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अब तक करीब 2 करोड़ 87 लाख रुपये की ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, थाना कोतवाली क्षेत्र के मधुबन निवासी रूद्रान्श राय ने शिकायत दी कि उनके परिचित कृष्णचन्द्र राय निवासी मोहम्मदपुर फेटी थाना बरदह ने मई 2023 में कोडर अजमतपुर स्थित जमीन बेचने का प्रस्ताव दिया था। आरोपी ने जमीन को विवादमुक्त बताते हुए 10 लाख रुपये प्रति बिस्वा के हिसाब से सौदा तय कराया और वादी से 33.30 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से ले लिए।
बाद में जब जमीन पर कब्जा नहीं मिला और जानकारी की गई तो पता चला कि दिखाई गई अधिकांश भूमि बंजर है और कई गाटा संख्या उस स्थान से संबंधित ही नहीं हैं। आरोप है कि अभियुक्तों ने राजस्व अभिलेखों का फर्जी नक्शा-नजरी तैयार कर उस पर राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार की नकली मुहर व हस्ताक्षर लगाकर वादी को विश्वास में लिया।
जब वादी ने 21 फरवरी 2026 को पैसा वापस मांगा तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। इस संबंध में थाना कोतवाली में मुकदमा संख्या 92/2026 विभिन्न धाराओं में दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी कृष्णचन्द्र राय एक शातिर अपराधी है, जो अपनी पत्नी रेनू राय, पुत्र संगम राय और अन्य साथियों के साथ मिलकर जमीन के फर्जी एग्रीमेंट और नकली दस्तावेज तैयार कर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता था। पुलिस ने इस गिरोह का गैंग चार्ट भी तैयार किया है, जिसमें कृष्णचन्द्र राय को गैंग लीडर बनाया गया है।पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर रविवार को करीब 11:50 बजे अजमतपुर कोडर क्षेत्र में स्थित उसके घर से गैंगेस्टर व हिस्ट्रीशीटर आरोपी कृष्णचन्द्र राय को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर जमीन के फर्जी एग्रीमेंट बनाकर लोगों से बड़ी रकम हड़पने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से ही जालसाजी, धोखाधड़ी, कूटरचना और अन्य गंभीर धाराओं में एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। अब तक की जांच में उसके द्वारा अलग-अलग मामलों में करीब 2.87 करोड़ रुपये की ठगी सामने आ चुकी है। पुलिस अन्य मामलों की भी जांच कर रही है और नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक यादवेंद्र पांडे, निरीक्षक अपराध रफी आलम, स्वॉट टीम प्रभारी उपनिरीक्षक संजय सिंह, उपनिरीक्षक रविंद्र कुमार यादव, महिला उपनिरीक्षक शशि सिंह, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र चौधरी और कांस्टेबल राजन कुमार शामिल रहे।



