Azamgarh News: गैस एजेंसी में बड़ा खेल उजागर, 205 भरे सिलेंडर गायब, कालाबाजारी का आरोप

आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय

गैस एजेंसी में बड़ा खेल उजागर, 205 भरे सिलेंडर गायब, कालाबाजारी का आरोप

आजमगढ़ जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए चल रही सख्त निगरानी के बीच महुला क्षेत्र की प्रशान्त सेन भारत गैस ग्रामीण वितरक एजेंसी में बड़े पैमाने पर अनियमितता उजागर हुई है। इस पूरे खुलासे में सप्लाई इंस्पेक्टर बृजेश दुबे और संतोष शर्मा की सक्रिय भूमिका सबसे अहम रही, जिनकी सतर्कता और सख्त कार्रवाई से यह पूरा मामला सामने आ सका।
दोपहर लगभग 2 बजे सप्लाई इंस्पेक्टर बृजेश दुबे एवं संतोष शर्मा के नेतृत्व में आपूर्ति विभाग की टीम ने सुरैना स्थित गैस गोदाम पर छापेमारी कर भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एजेंसी के प्रो. झारखण्डेय प्रसाद मौके पर मौजूद मिले। जब टीम ने स्टॉक रजिस्टर की जांच की, तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया—31 जनवरी 2026 के बाद से रजिस्टर में एक भी एंट्री दर्ज नहीं थी। यानी पूरे 53 दिनों तक गैस सिलेंडरों के आगमन और वितरण का कोई हिसाब-किताब ही नहीं रखा गया।
सप्लाई इंस्पेक्टरों की सख्ती यहीं नहीं रुकी। उन्होंने तत्काल ऑनलाइन स्टॉक रिपोर्ट मंगवाई और भौतिक सत्यापन से उसका मिलान कराया। रिपोर्ट के अनुसार गोदाम में 188 घरेलू और 17 कमर्शियल, कुल 205 भरे सिलेंडर मौजूद होने चाहिए थे, लेकिन मौके पर एक भी भरा सिलेंडर नहीं मिला। इसके विपरीत गोदाम में 383 खाली घरेलू, 11 खाली कमर्शियल (19 किग्रा) और 9 छोटे कमर्शियल (5 किग्रा) सिलेंडर पाए गए।
इस भारी अंतर पर जब एजेंसी मालिक से जवाब मांगा गया तो वह कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। न तो बिक्री का रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया और न ही किसी वैध बुकिंग या इनवॉइस का प्रमाण दिया गया। सप्लाई इंस्पेक्टर बृजेश दुबे और संतोष शर्मा ने मौके पर ही स्थिति को गंभीर मानते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आई।
जांच में यह भी उजागर हुआ कि गोदाम पर न तो आगमन रजिस्टर रखा गया था और न ही निर्गमन रजिस्टर, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है। अधिकारियों ने इसे द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण) आदेश 2000 का उल्लंघन मानते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध बताया।
सप्लाई इंस्पेक्टरों की मौजूदगी में मौके पर मिले सभी 403 खाली सिलेंडरों को जब्त कर सुरक्षित अभिरक्षा में सौंप दिया गया। वहीं जिलाधिकारी आजमगढ़ के निर्देश पर एजेंसी संचालक झारखण्डेय प्रसाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति भी प्रदान कर दी गई है।
इस पूरे प्रकरण में सप्लाई इंस्पेक्टर बृजेश दुबे और संतोष शर्मा की सतर्कता, निष्पक्ष जांच और तत्पर कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। उनकी सक्रियता से न सिर्फ कालाबाजारी का बड़ा मामला उजागर हुआ, बल्कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में भी एक मजबूत संदेश गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ इसी तरह कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button