Azamgarh News: पुष्प वाटिका से स्वयंवर तक गूंजा राम नाम, भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, सजी दिव्य राम-विवाह की झांकी

आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय

पुष्प वाटिका से स्वयंवर तक गूंजा राम नाम, भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, सजी दिव्य राम-विवाह की झांकी

आजमगढ़ जनपद के विकासखंड बिलरियागंज अंतर्गत गौरी नरायनपुर स्थित शक्तिपीठ गौरी कालिका धाम इन दिनों भक्ति और आस्था के दिव्य रंग में सराबोर है। नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित भव्य श्री राम कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के छठे दिन माहौल उस समय भावनाओं से भर उठा, जब कथावाचक पंडित अलंकार कौशिक जी महाराज ने भगवान श्रीराम और माता सीता के पावन मिलन से लेकर स्वयंवर और विवाह प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया।
कथा के दौरान जब पुष्प वाटिका में भगवान श्रीराम और माता सीता की प्रथम भेंट का प्रसंग आया, तो पंडाल में बैठे श्रद्धालु उस दृश्य को मानो साक्षात अनुभव करने लगे। हर ओर “सीताराम” के जयघोष गूंज उठे। इसके बाद महाराज जी ने जनकपुरी में आयोजित भव्य स्वयंवर का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान राम ने भगवान शिव का धनुष तोड़कर माता सीता का वरण किया। यह प्रसंग सुनते ही श्रद्धालुओं के बीच भक्ति की लहर दौड़ पड़ी और पूरा परिसर तालियों व जयकारों से गूंज उठा।
राम-विवाह के दिव्य प्रसंग को सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो त्रेतायुग की वह पावन घड़ी पुनः जीवंत हो उठी हो। कथा का रसपान करते हुए श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन का सौभाग्य बताया।
कथा अपने विश्राम दिवस की ओर अग्रसर है, जिसके उपरांत मंदिर परिसर में भव्य भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। मंदिर के पुजारी विजय पांडे उर्फ रिंकू पांडे, आयोजन समिति के अध्यक्ष विनय राय तथा संरक्षक सुधीर राय के नेतृत्व में पूरे आयोजन को सफल बनाने में ग्रामवासियों और क्षेत्रवासियों का अभूतपूर्व सहयोग देखने को मिल रहा है।
इस अवसर पर भाजपा के बिलरियागंज मंडल अध्यक्ष रूद्रप्रकाश राय सहित सूरज राय, गुड्डू राय, जितेंद्र राय,उमेश चंद्र राय, अवधू पासवान, आशुतोष पांडे, सूबेदार यादव, डॉ. शिवम, अरुण राय, रोहित राय, भोला पांडे, सिवान्स राय समेत सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरे क्षेत्र में इस भव्य आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल है। श्रद्धालुओं का कहना है कि ऐसी दिव्य और भावनात्मक कथा सुनने का अवसर बार-बार नहीं मिलता। राम-विवाह के इस अलौकिक प्रसंग ने हर किसी के मन में श्रद्धा, प्रेम और भक्ति का संचार कर दिया है।

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